‘संपूर्ण क्रांति ही देश को देगी नई दिशा’, विजय श्रीवास्तव बोले- जातिवाद और कट्टरवाद से कमजोर हो रहा लोकतंत्र

समतावादी चेतना अभियान के राष्ट्रीय संयोजक विजय श्रीवास्तव ने देश की मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जातिवाद और धार्मिक कट्टरता जैसी प्रवृत्तियां लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं और समाज को नैतिक पतन की ओर धकेल रही हैं। ऐसे हालात में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की ‘संपूर्ण क्रांति’ ही देश को सही दिशा दे सकती है।

‘संपूर्ण क्रांति से ही बनेगा आदर्श राष्ट्र’
विजय श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक समाज में समता, नैतिकता और पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक देश एक आदर्श राष्ट्र के रूप में स्थापित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि लोकनायक जेपी की संपूर्ण क्रांति का विचार ही भारत को ‘सत्यम, शिवम, सुंदरम’ की अवधारणा वाला राष्ट्र बना सकता है।
समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की अपील
उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव और जयप्रकाश नारायण की समाजवादी विचारधारा को देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी बताया। श्रीवास्तव ने कहा कि समाजवादी सोच ने आजादी से लेकर देश निर्माण और लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में इस विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर इसे जन-जन तक पहुंचाना चाहिए।

देश की समस्याओं का बताया समाधान
विजय श्रीवास्तव ने कहा कि देश आज सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, अधिनायकवाद, महंगाई और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इन सभी चुनौतियों का समाधान केवल संपूर्ण क्रांति के सिद्धांतों में ही संभव है, जो समाज और व्यवस्था में व्यापक बदलाव की बात करता है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार से अहम मांग की। श्रीवास्तव ने कहा कि देश में सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू होनी चाहिए और शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से वसूली जा रही फीस पर भी सरकार को सख्त नियंत्रण लगाना चाहिए।
