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सरकार का एक फैसला और झटके में सोना 11000 रुपये महंगा, चांदी भी ₹3 लाख पार; जानें क्या हैं नए दाम

नई दिल्ली: सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को बड़ा उछाल देखने को मिला। केंद्र सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों धातुओं के भाव में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोना 11 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक महंगा हो गया, जबकि चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई।

सरकार ने सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर कमोडिटी बाजार में देखने को मिला। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना मंगलवार को 1,53,442 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार को कारोबार शुरू होते ही इसका भाव बढ़कर 1,64,497 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इस तरह सोने की कीमत में करीब 11,055 रुपये यानी लगभग 7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

वहीं, चांदी की कीमतों में भी जोरदार उछाल आया। चांदी मंगलवार को 2,79,062 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन बुधवार को बाजार खुलते ही इसका भाव बढ़कर 3,01,429 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। यानी चांदी एक झटके में 22,367 रुपये महंगी हो गई।

हालांकि, मौजूदा भाव अब भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं। सोने का लाइफटाइम हाई 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है, जिससे मौजूदा कीमत करीब 38,487 रुपये कम है। वहीं चांदी का रिकॉर्ड हाई 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है और मौजूदा भाव इससे करीब 1,55,899 रुपये नीचे है।

सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ा बदलाव करते हुए बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) को 1 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी किया गया है। कुल मिलाकर सोने पर लगने वाली ड्यूटी अब 15 फीसदी हो गई है। गौरतलब है कि 2024 के बजट में सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की थी, जिसे अब फिर से बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में एक जनसभा के दौरान लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए कहा था कि देश को फिलहाल सोने के आयात पर निर्भरता कम करनी चाहिए, चाहे शादी हो या कोई अन्य आयोजन।

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में सोने का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है और इसका भुगतान डॉलर में होता है। ऐसे में अधिक आयात से विदेशी मुद्रा भंडार और ट्रेड डेफिसिट पर दबाव बढ़ता है। सरकार का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से सोने का आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत में मदद मिलेगी।

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