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थिएटर जगत के दिग्गज आनंद शर्मा नहीं रहे

14 मई को तड़के सुबह नगर के महत्त्वपूर्ण थिएटर गुरु आनंद शर्मा ने लालकुंआँ लखनऊ स्थित अपने घर पर आखिरी साँस ली। आनंद शर्मा 71 वर्ष के थे। उनका जन्म 2 अक्तूबर 1955 को हुआ था। नार्वे के साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ के स्वरचित 6 नाटकों और तीन लघु फ़िल्मों का निर्देशन किया था।

राकेश जादूगर उनके परम शिष्य हैं और थियेटर कलाकार संजय त्रिपाठी भी उनके शिष्य हैं जिनके निर्देशन में प्रायः लखनऊ में नाटकों का मंचन होता है।उनके शिष्य पूरे भारत में हैं जो नाट्य और फिल्म में कार्यरत हैं। थिएटर/फिल्म जगत लखनऊ के नामचीन हस्ती फ़िल्माचार्य श्री आनंद शर्मा जी के निधन से लखनऊ के थिएटर जगत में शोक छा गया है।

उनका अंतिम संस्कार आज 14 मई को लखनऊ में हो गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में अतिथि अध्यापक के रूप में प्रो. रमेश त्रिपाठी जी के साथ कार्य किया था। वह शिया पी जी डिग्री कालेज लखनऊ में भी मीडिया और फिल्म की अतिथि अध्यापक के रूप में पढ़ाते रहे ।

लखनऊ के जाने-माने फिल्म और थिएटर शिक्षक फ़िल्माचार्य आनंद शर्मा के निधन के बारे में उनके घनिष्ट शिष्य राकेश जादूगर ने बताया कि उनकी तबियत बहुत खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए दिखाने गए थे। पर ईश्वर को कुछ और मंजूर था। फ़िल्माचार्य आनंद शर्मा जी लालकुंआ लखनऊ में प्रसिद्ध आलोचक रामविलास शर्मा के पड़ोसी थे।

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