Friday, May 29, 2026
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एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी : बहुभाषीय शिक्षा को बढ़ावा देने में कुलपति प्रो. के.पी. सिंह का मार्गदर्शन सराहनीय

बरेली, 29 मई। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय परिसर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मल्टीलिंगुअल स्टडीज (CoEMS) में विभिन्न भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा स्नातकोत्तर (एम.ए.) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के प्रेरणादायी प्रयासों से ही विश्वविद्यालय में बहुभाषीय कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु ये पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उनका स्पष्ट उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना एवं उनमें बहुभाषीय दक्षता का विकास करना है।

विभाग में विदेशी भाषाओं के अंतर्गत एक वर्षीय (दो सेमेस्टर) डिप्लोमा पाठ्यक्रम — प्रोफिशिएन्सी इन जर्मन, प्रोफिशिएन्सी इन फ्रेंच, प्रोफिशिएन्सी इन मंदारिन तथा प्रोफिशिएन्सी इन स्पैनिश संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा के अंतर्गत एक सेमेस्टर के दो सर्टिफिकेट कोर्स — कम्युनिकेटिव स्किल्स तथा इंग्लिश फॉर बिजनेस भी उपलब्ध हैं। वहीं स्नातकोत्तर (एम.ए.) स्तर पर एम.ए. फंक्शनल हिन्दी एवं एम.ए. पाली पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

इन पाठ्यक्रमों में डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स हेतु 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राएँ प्रवेश ले सकते हैं, जबकि एम.ए. पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक होना अनिवार्य है।

विभागाध्यक्ष एवं बहुभाषीय केंद्र की समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी ने बताया कि कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में वर्तमान समय में बहुभाषीय शिक्षा (Multilingual Education) के महत्व को देखते हुए ये पाठ्यक्रम डिजाइन किए गए हैं। मंदारिन, फ्रेंच, जर्मन और स्पैनिश जैसी विदेशी भाषाओं का ज्ञान रखने वाले विद्यार्थियों के लिए देश और विदेश में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। आज बहुराष्ट्रीय कंपनियों, पर्यटन उद्योग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, शिक्षा, अनुवाद, दुभाषिया सेवाओं, आईटी सेक्टर, एयरलाइंस, दूतावासों तथा विदेश व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में विदेशी भाषाओं के जानकार युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के प्रयासों से नई शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत अब विद्यार्थी एक साथ दो पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इसका लाभ यह होगा कि छात्र अपने मुख्य विषय के साथ-साथ किसी विदेशी भाषा का अध्ययन करके कम समय में अतिरिक्त कौशल प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनके करियर के अवसर और अधिक व्यापक हो जाते हैं।

प्रो. त्यागी ने यह भी कहा कि कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में मल्टीलिंगुअल शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संचार क्षमता, आत्मविश्वास तथा वैश्विक दृष्टिकोण को मजबूत करती है। विदेशी भाषा सीखने से छात्रों को विभिन्न देशों की संस्कृति, शिक्षा प्रणाली और कार्यशैली को समझने का अवसर मिलता है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है।

सभी पाठ्यक्रम अत्यंत कम शुल्क पर संचालित किए जा रहे हैं। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://mjpruadm.samarth.edu.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक छात्र-छात्राएँ मानविकी विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने सभी छात्रों से अधिक से अधिक संख्या में इन रोजगारपरक भाषा पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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