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रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय में समर आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

बरेली,29 मई।महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय (Faculty of Engineering & Technology) द्वारा आयोजित समर आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता तथा तकनीकी कौशल का विकास करना है।

विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस समर आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं से परिचित कराना तथा उनमें तकनीकी कौशल एवं रचनात्मक सोच का विकास करना है। कुलपति प्रो. के.पी. सिंह का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी प्रयासों से ही यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है।

इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय की अधिष्ठाता प्रो. अर्चना गुप्ता ने बताया कि समर आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़ाकर उन्हें तकनीकी एवं वैज्ञानिक अवधारणाओं के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम के प्रथम स्लॉट में 25 मई से 30 मई 2026 तक दो विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। पहली कार्यशाला “Personality Development Workshop” है, जिसका समन्वयन डॉ. विकास लांबा द्वारा किया जा रहा है। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीमवर्क तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

दूसरी कार्यशाला “Future Communication Technologies & Innovation” है, जिसका आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है तथा इसका समन्वयन डॉ. छवि शर्मा कर रही हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की संचार तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन, Li-Fi, 5G, स्मार्ट सिटी, LoRa तथा अन्य उभरती तकनीकों की जानकारी प्रदान की जा रही है।

कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी मॉडलों एवं परियोजनाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी कराया जा रहा है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), ECG मैपर, ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन डेमॉन्स्ट्रेशन, Li-Fi कम्युनिकेशन सिस्टम, तापमान एवं आर्द्रता मापन प्रणाली, LoRa आधारित संचार प्रणाली, वाहन-से-वाहन (Vehicle-to-Vehicle) संचार मॉडल तथा स्मार्ट सिटी मॉडल प्रमुख हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से विद्यार्थी तकनीकी अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप में समझ रहे हैं।

तकनीकी सत्रों के अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए Advertisement Creation, Mystery Topic Challenge, Word Chain Battle, Sports Activities, Memory Tray Game तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं पांचाल संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण भी कराया जा रहा है।

समर आउटरीच कार्यक्रम विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक करने, उनमें नवाचार एवं अनुसंधान की भावना विकसित करने तथा भविष्य के अभियंता, वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ बनने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को सीखने, प्रयोग करने और अपने भविष्य को नई दिशा देने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रहा है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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