महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के व्यवसाय प्रशासन विभाग के शोधार्थी श्री राघवेंद्र को प्रदान की गई पी एच डी उपाधि

बरेली,02जून। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के व्यवसाय प्रशासन विभाग के शोधार्थी श्री राघवेंद्र को उनके शोध प्रबंध “The Impact of Financial Literacy on Household Wealth Accumulation with Reference to Selected Residents of Uttar Pradesh” (उत्तर प्रदेश के चयनित निवासियों के संदर्भ में वित्तीय साक्षरता का घरेलू संपदा संचय पर प्रभाव) पर पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की गई। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का प्रतिफल है, बल्कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी परिवारों के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अकादमिक अवदान भी है।

श्री राघवेंद्र का यह शोध कार्य विभागाध्यक्ष एवं डीन, प्रो. (डॉ.) तुलिका सक्सेना के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। शोध में नामांकन संख्या 21003952 एवं आरएमएस आईडी 22PHD0365 के अंतर्गत कार्य किया गया।
शोध का महत्त्व एवं प्रमुख निष्कर्ष
इस शोध में उत्तर प्रदेश के शहरी, अर्ध-शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 593 परिवारों से प्राथमिक डेटा संकलित किया गया। शोध के प्रमुख निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:
• वित्तीय साक्षरता और घरेलू संपदा के बीच सशक्त सकारात्मक सह-संबंध (ρ = 0.303, p < 0.001) प्रमाणित हुआ।
• उच्च वित्तीय साक्षरता वाले परिवारों में बचत, निवेश एवं जोखिम प्रबंधन की प्रवृत्ति अधिक पायी गई।
• केवल 34.1% उत्तरदाता उच्च वित्तीय साक्षरता श्रेणी में, जबकि 25.1% निम्न श्रेणी में पाये गये।
• ग्रामीण महिलाओं, वृद्धों एवं कम शिक्षित वर्ग में वित्तीय जागरूकता की सर्वाधिक कमी देखी गई।
• आय (ρ = 0.631) वित्तीय संपदा का सबसे शक्तिशाली निर्धारक है, इसके पश्चात शिक्षा एवं वित्तीय साक्षरता का स्थान है।
• रोजगार क्षेत्र (सरकारी/निजी) का घरेलू संपदा पर कोई सांख्यिकीय महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पाया गया।
शोधार्थी का परिचय
श्री राघवेंद्र, जिला एटा (उत्तर प्रदेश) के ग्राम मरथरा देवकिशन के निवासी हैं। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से एमबीए (वित्त एवं जोखिम प्रबंधन) किया है तथा UGC-NET उत्तीर्ण हैं।
“वित्तीय साक्षरता केवल धन प्रबंधन का ज्ञान नहीं है — यह परिवारों को आर्थिक स्वतंत्रता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। यह शोध उत्तर प्रदेश के उन लाखों परिवारों के लिए समर्पित है जो बेहतर वित्तीय भविष्य के हकदार हैं।”

यह अध्ययन भविष्य के शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं एवं वित्तीय संस्थाओं के लिए एक मूल्यवान संसाधन सिद्ध होगा।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
