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आर्मी की वर्दी पहन अस्पतालों में घुसा ‘फर्जी अफसर’, रिकॉर्ड खंगालने लगा; शक होते ही मौके से फरार

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सेना की वर्दी पहनकर खुद को ईसीएचएस का विजिलेंस अधिकारी बताने वाले एक युवक की करतूत सामने आई है। आरोपी कई निजी अस्पतालों में पहुंचकर जांच के नाम पर मरीजों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगालता रहा। हालांकि उसके व्यवहार पर संदेह होने के बाद मामला खुल गया और वह मौके से भाग निकला।

बताया जा रहा है कि युवक खुद को दिल्ली से आया ईसीएचएस अधिकारी बताकर अस्पताल प्रबंधन पर रौब जमाने की कोशिश कर रहा था। उसने मरीजों की ओपीडी, भर्ती और उपचार से संबंधित दस्तावेज देखने की मांग की, जिस पर शुरुआती तौर पर कुछ अस्पतालों ने उसे रिकॉर्ड भी उपलब्ध करा दिए।

सुरक्षाकर्मी नहीं होने पर हुआ शक

अस्पताल संचालकों को उस समय संदेह हुआ जब कथित अधिकारी के साथ कोई सैन्य सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। आमतौर पर इस तरह के निरीक्षण के दौरान अधिकृत पहचान और सुरक्षा व्यवस्था होती है। जब अस्पताल प्रबंधन ने उससे सेना से संबंधित जानकारी और आधिकारिक दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की तो वह असहज नजर आया।

इस दौरान चिड़ावा के एक निजी अस्पताल में उसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गईं। मामला सामने आने के बाद ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की टीम सक्रिय हुई और जांच शुरू की गई।

जांच में खुली पोल, कोई अधिकृत निरीक्षण नहीं था

प्राथमिक जांच में सामने आया कि उस दिन किसी भी प्रकार का अधिकृत निरीक्षण अभियान नहीं चल रहा था। सूचना मिलने पर संबंधित टीम अस्पतालों तक पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से निकल चुका था।

जानकारी के अनुसार, 30 से 35 वर्ष के बीच उम्र का यह युवक लेफ्टिनेंट कर्नल जैसी वर्दी पहने हुए था। उसकी वर्दी पर स्टार और अशोक स्तंभ भी लगे हुए थे। सेना और ईसीएचएस से जुड़ी अच्छी जानकारी होने के कारण शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन भी उसके झांसे में आ गया।

एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक करता रहा जांच का दावा

काले रंग की कार में सवार होकर आरोपी सबसे पहले चुंगी नाका क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा। वहां उसने खुद को ईसीएचएस अधिकारी बताते हुए विभिन्न रिकॉर्ड मांगे और अस्पताल प्रबंधन ने उसे कुछ दस्तावेज दिखा दिए।

इसके बाद वह खेतड़ी रोड स्थित एक अन्य अस्पताल पहुंचा, जहां उसने काफी देर तक जांच-पड़ताल की कोशिश की, लेकिन उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद वह उसी इलाके के एक और अस्पताल में पहुंच गया और वहां ईसीएचएस योजना से जुड़े मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज के रिकॉर्ड देखने की मांग की।

डायरेक्टर के सवालों में फंसा, फिर भाग निकला

अस्पताल स्टाफ ने प्रारंभिक स्तर पर रिकॉर्ड दिखा दिए, लेकिन इसी दौरान अस्पताल के डायरेक्टर भी वहां पहुंच गए। उन्होंने सेना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ सवाल पूछे, जिससे कथित अधिकारी की पोल खुलने लगी।

खुद को घिरता देख आरोपी तुरंत वहां से निकल गया और फरार हो गया। घटना की सूचना सेना मुख्यालय तक भेज दी गई है। संबंधित एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर युवक की तलाश में जुटी हैं।

 

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