EPFO का बड़ा अपडेट: 3 दिन ठप रहेंगी कई ऑनलाइन सेवाएं, PF क्लेम करने वालों के लिए जरूरी खबर
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करोड़ों खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। यदि आप भविष्य निधि खाते से रकम निकालने, क्लेम दाखिल करने या किसी ऑनलाइन सेवा का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। संगठन ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म में बड़े तकनीकी उन्नयन और डाटाबेस एकीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते कई प्रमुख सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहेंगी।
26 जून से 28 जून तक नहीं होंगे क्लेम सबमिट

जारी सूचना के मुताबिक 26 जून 2026 की रात 12 बजे से लेकर 28 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक क्लेम सबमिशन और क्लेम प्रोसेसिंग की सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस अवधि के दौरान सदस्य नया क्लेम दाखिल नहीं कर सकेंगे और पहले से जमा क्लेम भी प्रोसेस नहीं किए जाएंगे।
संगठन का कहना है कि यह तकनीकी अपग्रेड सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। निर्धारित कार्य पूरा होने के बाद सभी सेवाएं 29 जून 2026 की रात 12 बजे से दोबारा शुरू कर दी जाएंगी।
लंबित क्लेम के निपटारे में भी हो सकती है देरी
मेंटेनेंस अवधि का असर केवल नए आवेदनों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि पहले से लंबित मामलों पर भी दिखाई देगा। जिन सदस्यों ने पहले ही क्लेम जमा कर रखा है, उनके आवेदन भी इस दौरान प्रोसेस नहीं होंगे। ऐसे मामलों की प्रक्रिया 29 जून के बाद फिर से शुरू की जाएगी, जिससे निपटारे में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है।
UMANG ऐप की सेवाएं भी रहेंगी प्रभावित

सिर्फ आधिकारिक पोर्टल ही नहीं, बल्कि यूएमएएनजी ऐप के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा। ऐप पर जारी सूचना के अनुसार, ईपीएफओ से जुड़ी कई सेवाएं 2 जुलाई 2026 तक निर्धारित तकनीकी रखरखाव के कारण उपलब्ध नहीं रहेंगी।
यूएमएएनजी ऐप के जरिए आमतौर पर सदस्य पीएफ बैलेंस की जानकारी, क्लेम आवेदन, क्लेम स्टेटस, यूएएन सेवाएं, शिकायत पंजीकरण और जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। मेंटेनेंस अवधि के दौरान इन सेवाओं के उपयोग में बाधा आ सकती है।
यूजर्स को पहले ही निपटा लेने चाहिए जरूरी काम
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन सदस्यों को निकट भविष्य में पीएफ निकासी, एडवांस क्लेम या अन्य महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी है, उन्हें निर्धारित बंदी अवधि शुरू होने से पहले अपने जरूरी कार्य पूरे कर लेने चाहिए। इससे तकनीकी अपग्रेड के दौरान होने वाली असुविधा से बचा जा सकेगा।
