योगी कैबिनेट के 27 बड़े फैसले: नई स्टार्टअप नीति लागू, होमगार्डों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज, किसानों के पशुओं का भी होगा बीमा
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने नई स्टार्टअप नीति लागू करने, होमगार्ड और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने, किसानों के पशुओं के लिए बीमा योजना शुरू करने समेत कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, सुनील शर्मा, धर्मपाल सिंह और अनिल राजभर ने संयुक्त रूप से मीडिया को दी।
नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, मिलेगा आर्थिक प्रोत्साहन

कैबिनेट ने प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत स्टार्टअप इकाइयों को 20 लाख रुपये तक की पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जबकि विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक हो सकेगी। क्लाउड सेवाओं के लिए दो लाख रुपये प्रतिवर्ष तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। साथ ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का विशेष स्टार्टअप फंड बनाया जाएगा।
स्टार्टअप मिशन के लिए बनेगी अलग संस्था
सरकार ने स्टार्टअप मिशन के संचालन के लिए अलग निकाय गठित करने का भी फैसला किया है। अब तक इसका संचालन यूपीईएलसी के माध्यम से किया जाता था। नई व्यवस्था के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक गवर्निंग बॉडी मिशन का संचालन करेगी। इसके साथ ही नई डेटा नीति को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें देश के भीतर डेटा संरक्षण और सुरक्षित भंडारण पर विशेष जोर रहेगा।
होमगार्ड और परिवार को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने प्रदेश के होमगार्ड और उनके आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से बड़ी संख्या में होमगार्ड परिवारों को राहत मिलेगी।
किसानों को बड़ी राहत, पशुओं का होगा बीमा
सरकार ने किसानों के पशुओं के लिए बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। महामारी, बीमारी या दुर्घटना के कारण पशुओं की मृत्यु होने पर एक माह के भीतर बीमा दावा निपटाने का प्रावधान किया गया है। योजना में मुर्रा नस्ल के पशु का बीमा मूल्य 75 हजार रुपये, साहीवाल का 65 हजार रुपये, गंगातीरी का 60 हजार रुपये, अन्य पशुओं का 50 हजार रुपये, बैल का 40 हजार रुपये, बछड़े का 20 हजार रुपये और छोटे पशुओं जैसे खरगोश का 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है। योजना में केंद्र सरकार 51 प्रतिशत और राज्य सरकार 34 प्रतिशत अंशदान देगी।
गोरखपुर और मुरादाबाद में बनेंगे 100-100 बेड के अस्पताल

कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआई अस्पताल तथा वाराणसी में ईएसआई मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वाराणसी मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें श्रमिक परिवारों के लिए आरक्षित रहेंगी।
ओलंपिक और पैरा ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलेगी सीधी नियुक्ति
सरकार ने ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। इसके तहत क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर भर्ती लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर होगी।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी स्वीकृति दी। सरकार के अनुसार, अब उत्तर प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने शाहजहांपुर के जलालाबाद नगर का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने को मंजूरी दी। रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिस पर राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम को क्रमशः 80 करोड़ और 50 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की अनुमति भी दी गई। इसके अलावा धुलाई भत्ता और वर्दी भत्ते में 50 प्रतिशत तक वृद्धि को मंजूरी मिली है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की अधिकतम पेंशन बढ़ाकर 1.12 लाख रुपये प्रतिमाह करने का भी फैसला लिया गया।
