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रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय में 24वें दीक्षांत समारोह से पूर्व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का शुभारम्भ

बरेली,04 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की प्रेरणा तथा माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह जी के संरक्षण में विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा 24 वें दीक्षांत समारोह से पूर्व विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक , हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों में भाषण ,चित्रकला और कहानी लेखन की प्रतियोगिताओं तथा लोकनृत्य, कविता , देशभक्ति गीत और निबंध गतिविधियों के आयोजन का शुभारंभ किया गया । इस विषयक सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि जनभवन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार कक्षा 3 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के दो समूह वर्गों में विद्यालयों में भाषण , चित्रकला , कहानी कथन , निबंध , देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, कविता आदि एवं गतिविधियों की जिम्मेदारी सांस्कृतिक केन्द्र को दी गई है जिसके अंतर्गत प्रतियोगिताओं के लिए कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए रोचक एवं ज्ञानात्मक विषय जैसे मेरा विद्यालय, प्रकृति, मेरा प्रिय मित्र, देशप्रेम, पुस्तके: हमारी सच्ची मित्र रखे गए है वही कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के विषय आपके गांव में (शिक्षा, जल संरक्षण, स्वच्छता आदि क्षेत्रों में) हुए अच्छे कार्य, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान के आधुनिक चमत्कार, देशप्रेम और शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी का प्रयोग रखे गए है। इन समस्त प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मकता, लेखन, वाचन , प्रस्तुतीकरण क्षमताओं को बढ़ावा देना है । इनमें से तीन
प्रतियोगिताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त विजेता विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में न केवल पुरस्कृत किया जाएगा बल्कि भाषण , चित्रकला और कहानी को पुस्तक का स्वरूप भी दिया जाएगा । इसके साथ ही साथ चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए श्रेष्ठ चित्रों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसी सन्दर्भगत 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक इन प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा किया जाएगा । पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभागिता हेतु अत्यंत उत्साह दिखाया जा रहा है वहीं विद्यालय के प्राचार्यों एवं शिक्षकों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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