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आईवीआरआई द्वारा विश्व ज़ूनोसिस दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम और जनकल्याण पहल का आयोजन


​बरेली, 06 जुलाई। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली के पशु चिकित्सा जनस्वास्थ्य (VPH) प्रभाग द्वारा आज ‘विश्व ज़ूनोसिस दिवस’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शांति अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बरेली में रोटरी क्लब (इज्जतनगर) के डॉ. डी. सी. शुक्ला और बरेली के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. प्रशांत रंजन के समन्वय से आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को ज़ूनोटिक बीमारियों (पशुओं से इंसानों में फैलने वाले रोगों) के प्रति जागरूक करना और रोकथाम के स्वस्थ तरीकों को बढ़ावा देना था।
​स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक
​कार्यक्रम के दौरान पशुचिकित्सा जनस्वास्थ्य प्रभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हिमानी धाँजे ने ने बच्चों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव को देखते हुए विशेष रूप से रेबीज की रोकथाम पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश में तेजी से फैलने वाली मच्छर जनित बीमारियों जैसे—डेंगू, जापानी एन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) और चिकनगुनिया के सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व पर प्रकाश डाला और इनसे बचाव के प्रभावी उपाय साझा किए।
​बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन) का महत्व सिखाते हुए हाथ धोने की सही तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन (लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन) भी कराया गया। सीखे गए संदेशों को सुदृढ़ करने के लिए व्याख्यान के बाद एक क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस से संबंधित ज्ञानवर्धक लीफलेट्स (पर्चे) भी बांटे गए। कार्यक्रम में लगभग 200 छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
​स्वच्छता कर्मियों के लिए जनकल्याण पहल
​विश्व ज़ूनोसिस दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान के पशुचिकित्सा जनस्वास्थ्य प्रभाग द्वारा आईवीआरआई के स्वच्छता कर्मियों के लिए एक कल्याणकारी पहल भी की गई। प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बब्लू कुमार और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हिमानी धाँजे ने मानसून के मौसम में स्वच्छता कर्मियों की समर्पित सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें रेनकोट वितरित किए। साथ ही, उन्हें मानसून के दौरान होने वाली आम बीमारियों से बचाव और ड्यूटी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के प्रति संवेदनशील बनाया गया।
​’वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर जोर
​यह पूरा कार्यक्रम पशुचिकित्सा, चिकित्सा और सामुदायिक हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से ज़ूनोटिक बीमारियों के बोझ को कम करने में सामुदायिक जागरूकता, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और ‘वन हेल्थ’ (One Health) दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित करता है। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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