उत्तर प्रदेश

परख-2024 रिपोर्ट के बाद बड़ा कदम! योगी सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए बनाया नया एक्शन प्लान, स्कूलों में बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 की रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी उद्देश्य से 28 और 29 जुलाई को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), निशातगंज, लखनऊ के गंगा सभागार में राज्य स्तरीय मंडलवार कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

एससीईआरटी की ओर से संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यशालाओं में परख-2024 रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सामने आई चुनौतियों की समीक्षा करते हुए जनपदवार सुधार रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।

दो दिन चलेगी मंडलवार कार्यशाला

कार्यशालाओं का आयोजन एससीईआरटी के गंगा सभागार में किया जाएगा। 28 जुलाई को मेरठ और सहारनपुर मंडल के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जबकि 29 जुलाई को आजमगढ़, झांसी और आगरा मंडल के अधिकारी शामिल होंगे। प्रत्येक मंडल से उप शिक्षा निदेशक, डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यशालाएं सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक संचालित होंगी।

डेटा आधारित शिक्षा सुधार पर रहेगा विशेष जोर

कार्यशालाओं में परख-2024 के निष्कर्षों के आधार पर विषयवार और कक्षावार अधिगम स्तर का विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावी बनाने और विद्यालय स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक हस्तक्षेपों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके आधार पर प्रत्येक जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जनपदवार तैयार होगी सुधार रणनीति

बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य आंकड़ों पर आधारित शैक्षणिक योजना तैयार कर विद्यालयों में सीखने के स्तर में ठोस सुधार लाना है। इसके तहत विभिन्न जिलों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणाम आधारित बनाया जा सके।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का बनेगा मजबूत आधार

संयुक्त निदेशक (एसएसए) डॉ. पवन सचान ने कहा कि परख-2024 केवल मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं है, बल्कि विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य स्तरीय मंडलवार कार्यशालाओं के माध्यम से रिपोर्ट के निष्कर्षों का गहन विश्लेषण कर जनपदवार रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि डेटा आधारित शैक्षणिक योजना के जरिए प्रत्येक विद्यार्थी के अधिगम स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

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