शरीर में कैल्शियम की कमी को न करें नजरअंदाज, ये शुरुआती लक्षण हो सकते हैं गंभीर बीमारी का संकेत
नई दिल्ली: कैल्शियम शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है। यह केवल हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मांसपेशियों, नसों और हृदय के सामान्य कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहने पर बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना और संतुलित आहार अपनाना जरूरी है।
कैल्शियम की कमी के प्रमुख संकेत

जब शरीर में कैल्शियम का स्तर सामान्य से काफी कम हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपोकैल्सीमिया कहा जाता है। इस दौरान कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हाथों और पैरों में बार-बार झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और बार-बार दर्द की शिकायत भी हो सकती है।
दिमाग और हड्डियों पर भी पड़ सकता है असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हाइपोकैल्सीमिया का असर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। वहीं वयस्कों में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में हड्डियों की घनत्व कम होने लगती है, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है।
त्वचा, दांत और मसूड़ों में दिख सकते हैं बदलाव
कैल्शियम की कमी का असर त्वचा और दांतों पर भी दिखाई दे सकता है। त्वचा में अत्यधिक रूखापन आना, दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ना भी इसके संकेत माने जाते हैं। बच्चों में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहने पर रिकेट्स जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे हड्डियों का विकास प्रभावित हो सकता है।

महिलाओं में अधिक हो सकता है जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और कुछ आनुवंशिक कारणों की वजह से भी कैल्शियम का स्तर प्रभावित हो सकता है। लगातार थकान, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
कैल्शियम क्यों है जरूरी?
कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ नसों, मांसपेशियों और हृदय के सामान्य कार्य के लिए भी आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के कामकाज को प्रभावित कर सकती है।
डाइट में शामिल करें कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, फलियां और सार्डिन मछली कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इन खाद्य पदार्थों से एलर्जी या असहिष्णुता है, तो उसे डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार अन्य विकल्प अपनाने चाहिए।
