Friday, July 31, 2026
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यूपी में फ्री राशन पर बड़ा एक्शन! 37.72 लाख अपात्र लाभार्थी चिन्हित, राशन कार्ड निरस्त करने की तेज हुई कार्रवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 37 लाख 72 हजार 629 अपात्र लोग गलत तरीके से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। आधार से जुड़े डिजिटल सत्यापन के दौरान इन लाभार्थियों की पहचान की गई है। अब राज्य सरकार ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए उनके राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया में जुट गई है।

56.94 लाख संदिग्ध कार्डों का हुआ सत्यापन

राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से चिन्हित 56 लाख 94 हजार 540 संदिग्ध राशन कार्डों का पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराया। जांच के बाद पोर्टल पर 37 लाख 72 हजार 629 लाभार्थियों को अपात्र दर्ज किया गया। इनमें से 35 लाख 37 हजार 352 लाभार्थियों का डेटा निरस्त कर दिया गया, जबकि 2 लाख 35 हजार 277 अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।

एक सप्ताह में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि शेष 2 लाख 35 हजार 277 संदिग्ध लाभार्थियों का एक सप्ताह के भीतर दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए। जो लोग पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते हैं, उनके राशन कार्ड तत्काल निरस्त किए जाएं।

आधार आधारित ऐप से हो रही पहचान

अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए विकसित विशेष ऐप आधार से जुड़े रिकॉर्ड के माध्यम से स्वतः जांच कर रहा है। आधार का बैंक खाते, पैन और अन्य सरकारी डाटाबेस से जुड़ा होना इस प्रक्रिया को आसान बना रहा है। इसी वजह से आय, संपत्ति और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी का मिलान कर अपात्र लोगों की पहचान तेजी से हो रही है।

प्रदेश में इतने राशन कार्डधारक

यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री टी.एन. चौरसिया के अनुसार प्रदेश में 3 करोड़ 66 लाख 3 हजार 24 राशन कार्ड हैं, जिनसे कुल 14 करोड़ 66 लाख 77 हजार 452 यूनिट जुड़े हुए हैं।

छोटी-छोटी विसंगतियां भी पकड़ रहा सिस्टम

टी.एन. चौरसिया का कहना है कि नया डिजिटल सिस्टम मामूली विसंगतियों को भी पहचानने में सक्षम है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति के नाम पर वाहन दर्ज है या किसी कंपनी के रिकॉर्ड में उसका नाम कर्मचारी अथवा अन्य रूप में दर्ज होने से उसकी आय पात्रता सीमा से अधिक मानी जाती है, तो वह राशन कार्ड के लिए अपात्र की श्रेणी में आ सकता है।

इन श्रेणियों के लोग माने जाते हैं अपात्र

पात्रता मानकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित सीमा से अधिक वार्षिक आय वाले, शहरी क्षेत्र में निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले, 25 लाख रुपये से अधिक कारोबार वाले जीएसटी पंजीकृत व्यापारी, किसी कंपनी के निदेशक या निदेशक मंडल के सदस्य, एक से अधिक राशन कार्ड रखने वाले, दूसरे राज्य में भी राशन कार्ड रखने वाले, लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले, 18 वर्ष से कम आयु में राशन कार्डधारक के रूप में दर्ज व्यक्ति तथा पांच एकड़ या उससे अधिक भूमि रखने वाले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लाभार्थी अपात्र श्रेणी में शामिल किए जा सकते हैं।

 

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