कश्मीर में फिर आतंकी हमला: नाम पूछकर दो प्रवासी मजदूरों को मारी गोली, दोनों की मौत; 10 दिन में तीसरी जान गई
श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते हुए गोली मार दी। अधिकारियों के अनुसार, एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को कुलगाम के कीलम इलाके में लश्कर के आतंकियों ने कथित तौर पर दोनों मजदूरों से उनका नाम पूछने के बाद उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर ले जाया गया, जहां शनिवार को उसकी भी मौत हो गई।

10 दिन में दूसरा बड़ा आतंकी हमला
यह घटना दक्षिण कश्मीर में 10 दिन के भीतर हुए दूसरे बड़े आतंकी हमले के रूप में सामने आई है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक जवान की आतंकवादी ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। कुलगाम की ताजा घटना में दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
करीब दो साल बाद प्रवासी मजदूर बने निशाना
कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर लगभग दो वर्षों बाद इस तरह का हमला हुआ है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2024 को बिहार के बांका निवासी अशोक चौहान की शोपियां जिले के वाची इलाके में अज्ञात आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
उपराज्यपाल ने दिए अभियान तेज करने के निर्देश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
महबूबा मुफ्ती ने भी की निंदा
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से दूर आए मजदूरों को इस तरह निशाना बनाना बेहद क्रूर और अमानवीय है।
