योगी सरकार की कैशलेस चिकित्सा योजना को रफ्तार, 22 दिनों में 5.23 लाख से ज्यादा शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में योजना शुरू होने के 22 दिनों के भीतर 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों और उनके आश्रितों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में योजना शुरू होने के चार दिन के भीतर करीब 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए अभियान को मिशन मोड में चलाया है। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

घोषणा के 138 दिन बाद शुरू हुई योजना
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने योजना का प्रारूप तैयार करने, पोर्टल विकसित करने, अस्पतालों को सूचीबद्ध करने और अन्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया।
घोषणा के 138 दिनों बाद 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की गई। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना में शामिल कर लिया गया।
5.40 लाख से ज्यादा लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
तीनों शिक्षा विभागों में कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों में से अब तक 5,40,878 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है।
योजना की प्रगति को लेकर शासन स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इससे जोड़ा जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा लाभार्थी जुड़े

बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के तहत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिक शामिल हैं। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभाग की ओर से सभी जिलों में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है, जिससे पात्र शिक्षक, कर्मचारी और उनके आश्रित समय पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ी रफ्तार
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। अधिकारियों को संस्थान स्तर पर प्रगति की निगरानी करने और सभी पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग में चार दिन में करीब 47 प्रतिशत ई-केवाईसी
26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को योजना में शामिल किए जाने के बाद अभियान में तेजी आई है। उच्च शिक्षा विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से चार दिनों के भीतर 17,734 लोगों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का करीब 47 प्रतिशत है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग और शासन स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों की ई-केवाईसी समय से पूरी कराई जाए उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
