Sunday, August 30, 2026
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नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हुई एचपीवी वैक्सीन राज्यपाल ने किया शुभारम्भ। 25,053 टीका लगाकर बरेली पहले पायदान पर


बरेली,4 अगस्त। प्रदेश में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से नियमित टीकाकरण (आरआई) कार्यक्रम के अंतर्गत एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को शामिल किए जाने का औपचारिक शुभारम्भ किया।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एचपीवी टीकाकरण शिविर भी लगाया गया, जिसमें 11 किशोरियों का टीकाकरण किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अप्रैल माह से तीन माह के विशेष अभियान के रूप में शुरू किया गया था। अब इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। इसके तहत प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित नियमित टीकाकरण सत्रों में पात्र किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन की एक खुराक दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मार्च से अब तक जिले में 14 वर्ष तक की 25,053 किशोरियों का टीकाकरण करके बरेली पहले पायदान पर आ गया है । जबकि कुल लक्ष्य 55,336 है। इस प्रकार जनपद में 45.3 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, जो प्रदेश की औसत 27.7 प्रतिशत कवरेज से काफी अधिक है।
नियमित टीकाकरण से छूटी किशोरियों को मिलेगा लाभ:-
उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब पात्र किशोरियों को टीके के लिए विशेष अभियान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नियमित सत्रों के माध्यम से वर्षभर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी, छूटी हुई लाभार्थियों को आसानी से कवर किया जा सकेगा और अधिक से अधिक किशोरियों को समय पर सुरक्षा मिल सकेगी।
कम कवरेज वाले ब्लॉकों पर रहेगा विशेष फोकस:-
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार भदपुरा (24.1%), नवाबगंज (25.3%), बहेड़ी (25.5%), शेरगढ़ (26.0%) और बरेली अर्बन (31.9%) में टीकाकरण कवरेज कम है। इन ब्लॉकों में जिले की औसत 45.3 प्रतिशत कवरेज से कम प्रगति हुई है।
नोडल अर्बन डॉ अजमेर सिंह ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में छूटी हुई किशोरियों की पहचान कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, स्कूल आधारित गतिविधियों को तेज किया जाएगा तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी, ताकि सभी पात्र किशोरियों का समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी और सुरक्षित उपाय:-
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। 14 वर्ष तक की किशोरियों में इस कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण एक प्रभावी, सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय है। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान भी यह टीका सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है और इसके लिए माहवारी समाप्त होने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। सामान्य सर्दी-जुकाम या हल्के बुखार जैसी स्थितियों में भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण कराया जा सकता है। किसी भी शंका की स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों या चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है।
अभिभावकों से समय पर टीकाकरण कराने की अपील:-
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी पात्र बेटियों का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने निर्देश दिए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी सभी पात्र किशोरियों का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके लिए आशा कार्यकर्ता, सीएचओ और एएनएम के माध्यम से सर्वे कर पात्र किशोरियों की लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी तथा 5 से 10 अगस्त के बीच यू-विन पोर्टल पर उनका प्री-रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं हैं, वहां यह कार्य सीएचओ एवं एएनएम द्वारा किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में टीकाकरण की दैनिक समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रगति रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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