नेपाल में बाढ़ के बाद काठमांडो पर सप्लाई संकट, सब्जियों की आवक 477 टन पर सिमटी; ईंधन का स्टॉक सिर्फ 4-5 दिन का
काठमांडो: नेपाल में भोटेकोशी नदी तंत्र से आई अचानक बाढ़ ने तबाही के बाद राजधानी काठमांडो के सामने अब जरूरी सामान की आपूर्ति का संकट खड़ा कर दिया है। देश के प्रमुख आपूर्ति मार्ग पृथ्वी हाईवे के बाधित होने से खाद्य सामग्री, सब्जियों और ईंधन की आवक प्रभावित हुई है। सरकार वैकल्पिक रास्तों से आपूर्ति बनाए रखने और बाजार में कालाबाजारी रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन हाईवे के पूरी तरह खुलने को लेकर अभी निश्चित समयसीमा नहीं है।
पृथ्वी हाईवे बंद होने से राजधानी की आपूर्ति प्रभावित
नागढुंगा से भरतपुर तक करीब 180 किलोमीटर लंबा पृथ्वी हाईवे काठमांडो घाटी के लिए बेहद अहम है। इसी रास्ते से राजधानी में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य जरूरी सामान पहुंचता है। बुधवार की बाढ़ में कम से कम 19 पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा त्रिशूली गलियारे और आसपास के राजमार्गों में करीब 40 किलोमीटर सड़क बह गई है। काठमांडो घाटी यातायात पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता पुलिस अधीक्षक नरेश राज सुबेदी के अनुसार, मार्ग को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन शुक्रवार तक इसके पूरी तरह खुलने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

कुछ रास्तों पर यातायात बहाल, बारिश फिर बढ़ा सकती है मुश्किल
सड़क विभाग के इंजीनियर राजीव मानंधर के मुताबिक, शुक्रवार शाम तक गल्छी वाले हिस्से को एकतरफा बारी-बारी से यातायात के लिए खोल दिया गया था। वहीं गलौंडी-घाटबेसी-जारेखेत मार्ग पर दोनों दिशाओं में यातायात शुरू हो गया था। हालांकि बारिश होने की स्थिति में इन मार्गों को फिर बंद करना पड़ सकता है। भूस्खलन के बाद सड़कों पर जमा मिट्टी और मलबा हटाने का काम जारी है। शाम पांच बजे तक अर्थमूवर मशीनों को लगाया जा रहा है। सरकार वैकल्पिक मार्गों से भी काठमांडो तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
कालिमाटी बाजार में सब्जियों की आवक में भारी गिरावट
पृथ्वी हाईवे बंद होने का सीधा असर काठमांडो के कालिमाटी फल एवं सब्जी बाजार में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को बाजार में 775 टन सब्जियां, फल और मछली पहुंची थी। बुधवार को यह आंकड़ा 771 टन रहा, लेकिन गुरुवार को आवक घटकर सिर्फ 477 टन रह गई। बाजार विकास बोर्ड के सूचना अधिकारी बिनय श्रेष्ठ ने बताया कि पृथ्वी हाईवे से आने वाला सामान रास्ते में फंसा है। इस मार्ग से सब्जियों की आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है, हालांकि दूसरे रास्तों से कुछ सामान बाजार तक पहुंच रहा है।
पेट्रोल-डीजल का भंडार 4 से 5 दिन के लिए पर्याप्त
सड़क संपर्क बाधित होने से ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। हालांकि नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने फिलहाल लोगों को राहत दी है। निगम के अनुसार, थानकोट डिपो में पेट्रोलियम उत्पाद चार से पांच दिन से अधिक समय के लिए पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। निगम के उप निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने उम्मीद जताई कि इस अवधि के भीतर पृथ्वी हाईवे खुल सकता है। उन्होंने लोगों से ईंधन की उपलब्धता को लेकर घबराने की अपील नहीं की है।
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सरकार को कालाबाजारी और कृत्रिम कमी की आशंका
आपदा की स्थिति में सरकार को यह भी डर है कि कुछ कारोबारी कृत्रिम कमी पैदा कर जरूरी सामान की कीमतें बढ़ा सकते हैं। वाणिज्य, आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने लोगों से कालाबाजारी या कृत्रिम कमी की शिकायत करने की अपील की है। विभाग और स्थानीय प्रशासन बाजारों पर नजर रखेंगे। उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय ने त्योहारों के मौसम के साथ आपदा प्रबंधन की निगरानी के लिए एक समन्वय इकाई भी बनाई है। संबंधित सरकारी एजेंसियों को भी ऐसी इकाइयां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में बाढ़ से भारी नुकसान
बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी तंत्र में आई अचानक बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बाढ़ में निजी और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। सड़क और पुल टूटने से राहत एवं बचाव अभियान के साथ जरूरी सामान की आपूर्ति बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
उपभोक्ता संगठनों ने वैकल्पिक आपूर्ति की मांग की
उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार से संकट के दौरान वैकल्पिक मार्गों के जरिए जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही आपदा का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने और मनमाने तरीके से कीमत बढ़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उपभोक्ता अधिकार संरक्षण-नेपाल मंच के महासचिव विष्णु प्रसाद तिमिल्सिना ने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में लोगों को भरोसा होना चाहिए कि सरकार जरूरी सामान की उपलब्धता बनाए रखेगी।

