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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 132 लोगों की मौत; मलबे में दबे सैकड़ों लोगों की तलाश जारी

बोगोटा: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। पश्चिमी कोलंबिया में आए इस भीषण भूकंप के बाद कम से कम 132 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भूकंप के झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किए गए।

स्थानीय बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों तक जल्द पहुंचने की है, जो अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। साथ ही घायलों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने का काम भी जारी है।

फ्रांस ने कोलंबिया को मदद का भरोसा दिया

भूकंप से हुई तबाही के बाद कई देशों ने कोलंबिया के प्रति समर्थन और संवेदना जताई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में कोलंबिया फ्रांस की दोस्ती और मदद पर भरोसा कर सकता है।

मैक्रों ने भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने घायलों और प्रभावित लोगों के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया और राहत एवं बचाव अभियान में जुटे दलों के प्रयासों की सराहना की।

यूक्रेन और इटली भी कोलंबिया के साथ

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी भूकंप पर दुख जताते हुए कोलंबिया के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने पश्चिमी कोलंबिया में आए भूकंप और पड़ोसी इक्वाडोर पर पड़े इसके असर का जिक्र किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सक्षम देशों से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार कोलंबिया में भूकंप के बाद की स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने प्रभावित परिवारों और राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोगों के साथ इटली की एकजुटता व्यक्त की।

इक्वाडोर ने 47 बचावकर्मियों वाली टीम भेजने की पेशकश की

पड़ोसी देश इक्वाडोर ने कोलंबिया की मदद के लिए तत्काल सहायता की पेशकश की है। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ अज़िन ने कहा कि उनका देश इस मुश्किल समय में कोलंबिया के साथ खड़ा है।

इक्वाडोर ने 47 बचावकर्मियों, प्रशिक्षित कुत्तों और जरूरी उपकरणों से लैस खोज एवं बचाव टीम उपलब्ध कराने की पेशकश की है। बताया गया है कि इस टीम के पास सात दिनों तक अभियान चलाने की क्षमता है। इक्वाडोर ने कहा है कि कोलंबिया की जरूरत के मुताबिक टीम को भेजा जा सकता है।

अमेरिका ने भी स्थिति पर नजर रखने की बात कही

अमेरिका ने भी कोलंबिया में आए भूकंप के बाद हालात पर करीबी नजर रखने की बात कही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन घटनाक्रम की निगरानी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका कोलंबिया के लोगों और राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला के प्रशासन की मदद के लिए तैयार है। इससे राहत अभियान के बीच कोलंबिया के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन और सहायता की पेशकश बढ़ती दिखाई दे रही है।

मलबे में फंसे लोगों को निकालना सबसे बड़ी चुनौती

भूकंप के बाद राहत और बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना है। कई इलाकों में अभी भी लोगों की तलाश की जा रही है। समय बीतने के साथ बचाव अभियान की चुनौती बढ़ती जा रही है।

इसके साथ प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन, घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की पेशकश के बीच स्थानीय प्रशासन अब बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटा है।

132 मौतों के बाद अब बचाव अभियान पर दुनिया की नजर

7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद शुरुआती जानकारी में कम से कम 132 लोगों की मौत सामने आई है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान अभी जारी है, इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है।

फ्रांस, यूक्रेन, इटली, इक्वाडोर और अमेरिका समेत कई देशों ने कोलंबिया के प्रति समर्थन जताया है। इक्वाडोर ने विशेष बचाव टीम उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।

 

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