द इस्त्री प्रोजेक्ट ने आहान फाउंडेशन के सहयोग से पश्चिम बंगाल में किया विस्तार सड़क किनारे कपड़े प्रेस करने वाले विक्रेताओं को कोयले से एलपीजी आयरन बॉक्स की ओर बढ़ने में मदद करेगी पहल

कोलकाता, सितम्बर, 2026: उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के वर्टिकल, उद्यम व्यापार ने आहान फाउंडेशन के सहयोग से कोलकाता में द इस्त्री प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इस पहल के तहत सड़क किनारे कपड़े प्रेस करने वाले विक्रेताओं को पारंपरिक कोयले वाली इस्त्री से एलपीजी से चलने वाले आयरन बॉक्स की ओर बढ़ने में मदद की जाएगी। यह पहल देशभर में पिछले सात वर्षों से किए जा रहे काम का हिस्सा है। अब तक छह शहरों में 9,000 से ज्यादा इस्त्री विक्रेताओं को इससे मदद मिली है। इस पहल से जुड़े विक्रेताओं की औसत आय में 27% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि हर दिन दो घंटे तक का समय भी बचा है। सितंबर 2026 तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े विक्रेताओं की आय में कुल 44.962 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पश्चिम बंगाल में इस पहल का उद्देश्य शहर के इस्त्री विक्रेताओं को काम करने का ज्यादा स्पष्ट, आसान और बेहतर कमाई वाला तरीका उपलब्ध कराना है। साथ ही, उन्हें कोयले के धुएँ के संपर्क में आने से बचाना और इस्त्री के काम को ज्यादा टिकाऊ बनाना भी इसका हिस्सा है। प्रोजेक्ट के तहत कोयले से एलपीजी की ओर बदलाव से हर साल 2,979 टन से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है। एलपीजी आयरन बॉक्स की सुविधा ज्यादा से ज्यादा विक्रेताओं तक पहुँचाने के लिए उद्यम व्यापार एलपीजी डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स को इस पहल से जुड़ने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इच्छुक पार्टनर्स 9663727595 पर संपर्क कर सकते हैं।
पारंपरिक इस्त्री के काम को आसान बनाने की पहल
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द इस्त्री प्रोजेक्ट के तहत इस्त्री विक्रेताओं की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खास तौर पर एलपीजी से चलने वाले आयरन बॉक्स पेश किए गए हैं। इसका उद्देश्य कोयले वाली इस्त्री के साथ आने वाली रोज की परेशानियों को कम करना है। इनमें इस्त्री को तैयार रखने में लगने वाला समय और मेहनत, गर्मी का एक जैसा न रहना और बार-बार ईंधन भरने की जरूरत जैसी चुनौतियाँ शामिल हैं।
एलपीजी से चलने वाले आयरन बॉक्स की मदद से विक्रेता ज्यादा आसानी और लगातार एक जैसी गर्मी के साथ काम कर सकते हैं। इससे उन्हें ग्राहकों को बेहतर सेवा देने और अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान देने का समय मिलता है।
काम और पर्यावरण, दोनों के लिए बेहतर बदलाव
कोयले से एलपीजी की ओर बदलाव से इस्त्री के पारंपरिक काम से जुड़ी रोजमर्रा की दिक्कतों के साथ पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को भी कम करने में मदद मिल सकती है। कोयले का इस्तेमाल कम होने से विक्रेताओं के काम करने की जगह को ज्यादा स्वस्थ बनाने और आसपास के माहौल को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
कोलकाता में इस प्रोजेक्ट का विस्तार इस पहल को और आगे ले जाने की दिशा में एक कदम है। इसके तहत इस्त्री विक्रेताओं, एलपीजी डीलर्स और दूसरे स्थानीय पार्टनर्स को साथ लाकर छोटे कारोबारों के लिए स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े समाधान पेश करने पर ध्यान दिया जाएगा

