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कालकाजी गैंगरेप पर किरण बेदी ने उठाए पुलिस-प्रशासन से सवाल, बोलीं- सीसीटीवी और बीट सिस्टम की जिम्मेदारी किसकी?

नई दिल्ली: दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप के मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की जमीनी व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे तो उन्हें चालू रखना किसकी जिम्मेदारी थी और पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा था।

पीड़ित लड़की के अनुसार, वह अपने जन्मदिन पर मंदिर में दर्शन करने के बाद एक दोस्त के साथ पार्क गई थी। घटना के बाद बेदी ने सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए पूछा कि यह पार्क किसके अधिकार क्षेत्र में है और क्या इसे असुरक्षित क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया गया था। अगर पार्क को असुरक्षित माना जाता था तो वहां पार्क प्रशासन और स्थानीय पुलिस की क्या व्यवस्था थी।

किरण बेदी ने बीट पुलिसिंग पर भी सवाल उठाए

किरण बेदी ने पूछा कि इलाके में पुलिस का बीट सिस्टम कहां है, संबंधित बीट अधिकारी कौन है और पार्क के रखरखाव के लिए तैनात कर्मचारी कहां हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर पार्क में चौकीदार तैनात हैं तो उनकी निगरानी और जिम्मेदारी कैसे तय की जाती है।

बेदी ने कहा कि जमीनी स्तर पर संबंधित एजेंसियों की लापरवाही से ऐसी गंभीर घटनाएं होने की स्थिति बनती है। उन्होंने लड़कियों को भी ऐसी जगहों पर जाने से पहले जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक सावधानी का मतलब डरना नहीं, बल्कि परिस्थितियों को समझकर सतर्क रहना है। उन्होंने पार्क और आसपास मौजूद आवारा तथा मनचले लोगों को लेकर भी सतर्क रहने की बात कही।

बेदी ने यह भी कहा कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी होना अच्छी बात है।

आस्था कुंज पार्क में कई जगह अंधेरा

आस्था कुंज पार्क नेहरू प्लेस, कालकाजी मंदिर, गढ़ी गांव और संतनगर के बीच स्थित है। शाम ढलने के बाद पार्क के भीतर कई जगहों पर अंधेरा दिखाई देता है। शाम 6 से रात 9 बजे के बीच नेहरू प्लेस से काम खत्म करने वाले कई लोग शॉर्टकट के तौर पर पार्क के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय स्तर पर पार्क में पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

पार्क के बने हुए पैदल मार्गों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन इन रास्तों से हटकर पार्क के कई हिस्सों में रोशनी नहीं है। इन जगहों पर अंधेरा रहने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है।

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कई जगह सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन के नीचे स्थित पार्क के गेट के बाहर और कालकाजी मंदिर की ओर मौजूद दूसरे गेट के पास भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्क के अंदर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे दिखाई नहीं देते।

कालकाजी मंदिर की ओर से पार्क में जाने वाले दूसरे नंबर के गेट पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह गेट खुला रहता है और वहां सुरक्षा गार्ड, पर्याप्त रोशनी या सुरक्षा जांच की व्यवस्था नहीं दिखती। वहीं मुख्य सड़क पर पुलिस की गश्त होती रहती है।

पार्क में 29 एक्सेस प्वॉइंट, कई जगह अवैध रास्ते

आस्था कुंज पार्क में आठ मुख्य गेट और कुल 29 एक्सेस प्वॉइंट बताए गए हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर ग्रिल तोड़कर अवैध रास्ते बनाए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि इन रास्तों से नशे के आदी लोगों का प्रवेश भी होता है।

पार्क में तैनात गार्डों के अनुसार, वे रात में गश्त कर पार्क को खाली कराने की कोशिश करते हैं। हालांकि कुछ लोग अंधेरे में छिप जाते हैं और बाहर नहीं निकलते। कई बार गेट बंद होने के बाद भी लोग पार्क के अंदर रह जाते हैं। गार्डों के मुताबिक, कुछ जोड़े देर रात तक अंधेरे वाले हिस्सों में बैठे रहते हैं।इतने बड़े क्षेत्र में गश्त कर पार्क को पूरी तरह खाली कराने में सुरक्षा कर्मचारियों को करीब एक घंटे तक का समय लग सकता है।

 

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