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अमेरिका के बाद ईरान ने भी रोके हमले, दो हफ्ते के तनाव के बीच युद्धविराम वार्ता तेज; मध्य पूर्व में राहत के संकेत

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम टूटने के बाद करीब दो सप्ताह से जारी सैन्य तनाव के बीच राहत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। रविवार को लगातार दूसरे दिन दोनों देशों की ओर से कोई हमला नहीं किया गया। अमेरिका ने ईरान पर अपने सैन्य अभियान फिलहाल रोक रखे हैं, जबकि तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई नहीं करने की पुष्टि की है। इस बीच अंतरिम युद्धविराम को फिर से लागू कराने और स्थायी समाधान की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।

हमले रोकने की वजह पर अभी भी बना सस्पेंस

अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर कार्रवाई के बाद अचानक हमले क्यों रोके, इसे लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से विवादों के कूटनीतिक समाधान के पक्षधर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य या अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है तो अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले रहेंगे।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई नहीं करने की पुष्टि की

ईरानी सेना के प्रवक्ता ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका की ओर से कोई हमला नहीं हुआ और ईरान ने भी इस दौरान कोई जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं की। इससे पहले ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले देशों को निशाना बनाया था। जॉर्डन स्थित एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई थी।

युद्धविराम की दिशा में बढ़ी कूटनीतिक पहल

मध्यस्थता की प्रक्रिया से जुड़े एक क्षेत्रीय अधिकारी ने दोनों देशों द्वारा हमले रोकने को तनाव कम होने का सकारात्मक संकेत बताया है। उनके अनुसार, अमेरिका और ईरान अंतरिम युद्धविराम समझौते पर दोबारा लौटने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समाधान तलाशा जा रहा है।

ओमान के साथ बातचीत जारी, नाकाबंदी बरकरार

ईरान ने कहा है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर ओमान के साथ उसकी बातचीत जारी है और इसमें प्रगति भी हुई है। दूसरी ओर अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान के खिलाफ दोबारा लागू की गई नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी प्रभावी है।

ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात पर टिकी नजरें

इस घटनाक्रम के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार, 28 जुलाई को वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि वह ईरान को कमजोर करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह लक्ष्य बड़े सैन्य संघर्ष के बिना हासिल हो सकता है तो इसका स्वागत किया जाएगा। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने दोबारा सीधे या अपने सहयोगी संगठनों के जरिए इजरायल पर हमला किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

 

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