भूमि फेस्ट 2026: लखनऊ विश्वविद्यालय में 2250 वर्ग फुट की विशाल पेपर कप रंगोली के जरिए पहलगाम के पीड़ितों को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रांगण में बुधवार को ‘भूमि फेस्ट 2026’ (Bhoomi Fest 2026) के अवसर पर कला, देशभक्ति और संवेदना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में 2250 स्क्वायर फीट (sq ft) के एक विशाल क्षेत्र में 50,000 पेपर कप का उपयोग करके भारत के नक्शे के आकार की एक भव्य रंगोली उकेरी गई। इस कलाकृति की सबसे खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक रंगों से नहीं, बल्कि इन 50,000 ‘पेपर कप’ को बेहद बारीकी से सजाकर बनाया गया है।

पहलगाम के 26 पीड़ितों को किया गया याद
यह विशाल तिरंगा रंगोली केवल एक कलात्मक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बेहद भावुक और गहरा संदेश था। यह पूरी कलाकृति मुख्य रूप से पहलगाम में आतंकवादियों का शिकार हुए उन 26 निर्दोष लोगों की याद में बनाई गई है। भारत के इस विशाल नक्शे के माध्यम से उन सभी 26 पीड़ितों को एक सच्ची और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस संवेदनशील पहल की जमकर सराहना की।

अमन और आयुष के नेतृत्व में टीम ने किया कमाल
इस विशालकाय और जटिल प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने और इसके सफल क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका अमन और आयुष ने निभाई। इस विज़न को जमीन पर उतारने का काम उनकी एक बेहद समर्पित टीम ने किया। सहयोगी टीम के प्रमुख सदस्यों में अखिल, शावी और इशिका ने मोर्चा संभाला। इनके अलावा 20 अन्य टीम सदस्यों ने इस प्रोजेक्ट में अपना अमूल्य सहयोग दिया, जिन्होंने घंटों की कड़ी मेहनत से एक-एक पेपर कप को सही जगह पर रखकर इस 2250 स्क्वायर फीट के नक्शे, इसमें लगे 50,000 कपों और उसके बीच बने अशोक चक्र को पूर्णता प्रदान की।
एकता और सम्मान का संदेश
‘भूमि फेस्ट 2026’ में प्रस्तुत की गई यह पेपर कप रंगोली अपनी भव्यता, सटीकता और इसके पीछे की संवेदनशील सोच के कारण पूरे विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बनी हुई है। अमन, आयुष और उनकी 23 लोगों की पूरी टीम का यह सामूहिक प्रयास न केवल उनकी बेहतरीन प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि देश की एकता और आतंकवाद के शिकार हुए लोगों के प्रति हमारे सम्मान को भी बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इस आयोजन में किरन फाउंडेशन और मीडिया टुडे 24.कॉम की सहभागिता भी रही।
