बीबीएयू के पूर्व शोधार्थी डॉ. सूरज कुमार द्विवेदी को बड़ी उपलब्धि, बेंगलुरु के प्रतिष्ठित संस्थान में बने कॉलेज लाइब्रेरियन

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के पूर्व शोधार्थी डॉ. सूरज कुमार द्विवेदी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित संस्थान पूर्णप्रज्ञ संशोधन मन्दिरम् (आदर्श शोध संस्थान) में कॉलेज लाइब्रेरियन के पद पर हुआ है। यह संस्थान राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध है और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होता है।

डॉ. सूरज कुमार द्विवेदी की इस सफलता पर बीबीएयू परिवार में खुशी का माहौल है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने डॉ. द्विवेदी के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
2024 में पूरी की थी पीएचडी
डॉ. सूरज कुमार द्विवेदी ने वर्ष 2024 में बीबीएयू के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। उन्होंने यह शोध कार्य विभाग की प्रोफेसर एवं आईक्यूएसी निदेशक डॉ. शिल्पी वर्मा के निर्देशन में पूरा किया।

उनका शोध पांडुलिपियों के संरक्षण और उनकी अभिगम्यता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित था। अकादमिक जगत में उनके इस शोध कार्य को काफी सराहना भी मिली थी।
विश्वविद्यालय परिवार ने जताई खुशी
डॉ. द्विवेदी के चयन पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बीबीएयू के लिए एक और बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि बताया है।
