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‘समझौता करो या कार्रवाई झेलो’… ट्रंप की ईरान को नई चेतावनी, पुल और पावर प्लांट बताए संभावित निशाने

वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई की स्थिति बनी तो पुल, बिजली संयंत्र और अन्य रणनीतिक ठिकाने संभावित लक्ष्य हो सकते हैं।

फॉक्स न्यूज को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यदि बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकलता, तो सैन्य विकल्प भी पूरी तरह खुले रहेंगे।

समझौता नहीं हुआ तो फिर शुरू हो सकती है सैन्य कार्रवाई

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान समझौता करने से इनकार करता है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। उनका कहना था कि ऐसे हमलों के बाद क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में ईरान को कई वर्ष लग सकते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से पुलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे रणनीतिक ढांचों पर कार्रवाई तेजी से की जा सकती है और इसका असर लंबे समय तक बना रहता है।

बिजली संयंत्रों को भी बताया अहम लक्ष्य

ट्रंप ने कहा कि किसी भी देश के बिजली उत्पादन संयंत्र उसकी सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में शामिल होते हैं। उनके अनुसार यदि इन प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचता है, तो उन्हें दोबारा तैयार करने में लंबा समय लगता है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था तथा बुनियादी क्षमताओं पर पड़ता है।

नागरिक सुविधाओं पर हमले से किया इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले डिसेलिनेशन संयंत्रों को निशाना बनाने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा, इसलिए अमेरिका केवल रणनीतिक और सैन्य महत्व वाले ठिकानों पर ही ध्यान केंद्रित करेगा।

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ट्रंप ने कहा कि उनका उद्देश्य आम लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ढांचों को लक्ष्य बनाना है।

नेतन्याहू को लेकर भी दी सफाई

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस में मुलाकात से पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी नई खुफिया जानकारी साझा करना चाहते थे।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले से ही ईरान की परमाणु गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है और उसे इस संबंध में किसी अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बयान देकर अमेरिका की भागीदारी बनाए रखना चाहते थे।

बातचीत जारी, लेकिन सैन्य विकल्प भी बरकरार

ट्रंप के ताजा बयान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान की कोशिश जारी रखना चाहता है, लेकिन यदि वार्ता विफल रहती है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी उसके एजेंडे में बना रहेगा। ऐसे में पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

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