रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा “विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस” पर व्याख्यान का आयोजन : डॉ. प्रेरणा अग्रवाल ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

बरेली,23 अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग (बी.एड./एम.एड.) द्वारा “विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस” के उपलक्ष्य में आज एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ओरल हेल्थ (मुख स्वास्थ्य) से जुड़े विभिन्न मिथकों से अवगत कराना तथा उन्हें वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण प्रदान करना था, जिससे भावी शिक्षक अपने शिक्षण कार्य के दौरान छात्रों को मुख स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर सकें।

इस आयोजन के प्रेरणास्रोत एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से ही यह कार्यक्रम साकार हो सका। इस अवसर पर बरेली इंटरनेशनल विश्वविद्यालय की वरिष्ठ चिकित्सक (दंत रोग विशेषज्ञ) डॉ. प्रेरणा अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल आयोजन विभागाध्यक्षा प्रोफेसर संतोष अरोरा के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सुचारु संचालन बी.एड. की छात्रा मीनू पांडे द्वारा किया गया।
डॉ. प्रेरणा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ओरल कैविटी (मुख गुहा) कई प्रकार की बीमारियों की जड़ हो सकती है, अतः प्रारंभिक स्तर पर इसकी देखभाल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने “2×2×2” फॉर्मूले पर विशेष बल दिया।
दिन में दो बार ब्रश करें, कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें, वर्ष में दो बार दंत चिकित्सक से अवश्य जांच कराएँ।
इसके अतिरिक्त उन्होंने इंटरडेंटल ब्रश के उपयोग, जीभ की सफाई, फ्लॉसिंग तकनीक, मुंह की दुर्गंध (बैड ब्रीथ) के कारण, विजडम टीथ, रूट कैनाल थेरेपी तथा डेंटल इम्प्लांट जैसे विषयों पर विस्तृत एवं सरल जानकारी साझा की। उन्होंने सीबीएसई द्वारा शुरू की गई “शुगर बोर्ड” पहल (जिसमें शुगर युक्त एवं शुगर रहित खाद्य पदार्थों का उल्लेख होता है) की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को संतुलित आहार के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने अपने व्याख्यान के अंत में प्रेरक संदेश दिया — “इलाज से बेहतर रोकथाम है।”

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। बी.एड. के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मुख स्वास्थ्य से जुड़े कई भ्रांतियों को दूर करने का अवसर मिला तथा वे भविष्य में अपने छात्रों को भी इसकी जानकारी दे सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में बी.एड./एम.एड. विभाग के शिक्षक डॉ. रामबाबू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. प्रेरणा अग्रवाल, कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह, विभागाध्यक्षा प्रोफेसर संतोष अरोरा तथा सभी उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य — डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. मीनाक्षी द्विवेदी, डॉ. इरम, कपिल तिवारी, हर्ष शुक्ला, सना अबरार, शिवी अग्रवाल, जगदीश सिंह, शबिया, मीनू सिंह, सतेंद्र, सत्यप्रकाश, मधुबाला, आकाश कुमार सहित बड़ी संख्या में बी.एड./एम.एड. के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामुदायिक शिक्षा की दिशा में विश्वविद्यालय की सार्थक पहल का एक और प्रमाण बना। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
