सेवानिवृत्त शिक्षकों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित

गोण्डा: उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ गोण्डा की झंझरी इकाई द्वारा रविवार को जिला पंचायत सभागार में सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े अधिकारियों, शिक्षक नेताओं और बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी रही। समारोह के दौरान सत्र 2025-2026 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राम खेलावन सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी झंझरी उपेंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे।
सम्मानित किए गए शिक्षकों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीर विक्रम सिंह, प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, सुधा सिंह, मालती सिंह, रेखा सिंह, जयदेवी सिंह, मुन्नी सिंह बिसेन, उमा सिंह, शारदा प्रताप सिंह, जगदीश प्रसाद ओझा, काशफ़ा बानो, फखरुद्दीन, नीलम त्रिपाठी और बिन्दुवती मिश्रा शामिल रहे।
सेवानिवृत्त शिक्षक समाज के मार्गदर्शक: उपेंद्र त्रिपाठी
खंड शिक्षा अधिकारी झंझरी उपेंद्र त्रिपाठी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक कभी सेवा से अलग नहीं होते, बल्कि उनके अनुभव समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना की।
देयकों के भुगतान को लेकर दिया भरोसा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों के भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
समारोह में प्रांतीय लेखाकार राजेश कुमार शुक्ला, प्रांतीय संयुक्त मंत्री सुशील कुमार, जिला महामंत्री अजीत कुमार तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार सिंह, मंत्री बेलसर यशवंत पांडेय, नगर अध्यक्ष आनंद प्रताप सिंह, मंत्री वजीरगंज मनोज कुमार शर्मा, अवनीश पांडेय और आनंद देव सिंह सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे।
सैकड़ों शिक्षकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन झंझरी इकाई अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला, मंत्री संजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष तेजेन्द्र द्विवेदी, राम प्रताप वर्मा, ओम शंकर यादव और वंदना द्विवेदी के नेतृत्व में किया गया। समारोह में सैकड़ों शिक्षकों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन का माहौल भावनात्मक और गरिमामय बना रहा।
