रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में क्रीड़ा एवं शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल, बी.पी.ई.एस. पाठ्यक्रम एवं योग आधारित मूल्य-वर्धित कोर्स को मंजूरी


बरेली, 20 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली की RIF भवन में संपन्न हुई विद्या परिषद की बैठक में क्रीड़ा एवं शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय लिए गए। परिषद ने खेल विज्ञान, योग एवं स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने हेतु विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन को स्वीकृति प्रदान की है।
खेल विज्ञान में स्नातक पाठ्यक्रम (B.P.E.S.) को मंजूरी :-
विद्या परिषद ने शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत ‘बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (B.P.E.S.)’ नामक नवीन स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम को अनुमोदित किया है। यह पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें प्रारंभिक तौर पर 40 सीटें आरक्षित की गई हैं। परिषद ने इस पाठ्यक्रम के अध्यादेश, पाठ्यक्रम संरचना एवं प्रथम एवं द्वितीय वर्ष (सेमेस्टर I से IV) के विस्तृत पाठ्यक्रम को भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से खेल विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, स्पोर्ट्स कोचिंग एवं फिटनेस प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा एवं योग पर भआधारित मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम:-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं यूजीसी की भारतीय ज्ञान प्रणाली पहल के अनुरूप, दर्शनशास्त्र विभाग एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा: योगिक विरासत एवं स्वस्थ जीवन’ (Indian Knowledge System: Yogic Heritage and Healthy Living) शीर्षक से दो क्रेडिट का मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस पाठ्यक्रम में दार्शनिक पहलुओं का सैद्धांतिक अध्ययन दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा तथा योगाभ्यास (षट्कर्म, सूर्य नमस्कार, आसन, प्राणायाम, ध्यान एवं योग निद्रा) का प्रायोगिक प्रशिक्षण शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम बहुविषयक शिक्षा, समग्र स्वास्थ्य एवं मूल्य आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने में सहायक होगा तथा सत्र 2026-27 से इसे आरंभ किया जाएगा।

‘फिट इंडिया’ मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम को भी मंजूरी:-
इसके अतिरिक्त, शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत ‘फिट इंडिया’ (Fit India) शीर्षक से दो क्रेडिट का एक अन्य मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम भी सत्र 2026-27 से प्रारंभ करने का प्रस्ताव परिषद द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। यह पाठ्यक्रम छात्रों में शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस एवं खेल गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है तथा राष्ट्रीय फिटनेस अभियान को बल प्रदान करेगा।
इन ऐतिहासिक निर्णयों पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना के अनुरूप हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं, जो विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करें। खेल एवं शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में B.P.E.S. पाठ्यक्रम तथा योग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। मैं समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों से आग्रह करता हूँ कि वे इन नवीन पाठ्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाएँ। इसके अलावा, हमारा ‘फिट इंडिया’ अभियान भी छात्रों के बीच स्वास्थ्य एवं फिटनेस को लेकर एक नई जागरूकता पैदा करेगा। हमारा लक्ष्य विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित करना है।”
उल्लेखनीय है कि इन निर्णयों के माध्यम से विश्वविद्यालय न केवल खेल एवं शारीरिक शिक्षा को अकादमिक पहचान प्रदान कर रहा है, बल्कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के योग को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का सराहनीय प्रयास भी कर रहा है। इससे विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
