रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में होटल मैनेजमेंट एवं बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस पाठ्यक्रम में प्रवेश का मौका : कम शुल्क में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और सुनहरे भविष्य के साथ-साथ शानदार रोजगार अवसर

बरेली, 20 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026- 27 के लिए 4 वर्षीय बैचलर ऑफ़ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी तथा तीन वर्षीय बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है – इच्छुक छात्रों को शीघ्रातिशीघ्र समर्थ पोर्टल पर रजिस्टर कर देना चाहिए।
यह कार्यक्रम आतिथ्य, पर्यटन , यात्रा उद्योग में उज्जवल भविष्य बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। विश्वविद्यालय के इस पाठ्यक्रम में विज्ञान, कला , वाणिज्य अथवा अन्य किसी भी संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश के लिए पात्र हैं ।सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45% अंक तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 40% अंक निर्धारित किए गए हैं । विभागाध्यक्ष ने बताया की पाठ्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को होटल प्रबंधन एवं पर्यटन एवं आतिथ्य संचालन की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है । अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों कोसमय समय पर होटल भ्रमण के साथ ही देश के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल में दो बार 6 माह का इंडस्ट्रियल प्रशिक्षण भी कराया जाता है जिसमें उन्हें वास्तविक कार्य करने का अनुभव प्राप्त होता है यही कारण है की अब तक विभाग के अधिकांश विद्यार्थियों को अपनी डिग्री पूरा करने से पहले ही देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटल समूह ,क्रूज लाइंस, एयरलाइंस तथा हॉस्पिटैलिटी छेत्र में job offer हो जाती है। यह professional डिग्री प्राप्त कर के छात्र किसी भी छेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। होटल मैनेजमेंट डिग्री होल्डर्स को न केवल होटल उद्योग में बल्कि किसी भी कस्टमर सर्विस area जैसे बैंक इत्यादि में भी prefer किया जाता है। कई पूर्व छात्र अपना सफल रेस्टोरेंट, होटल, कैटरिंग बिज़नेस, हाउसकीपिंग कंपनी चला रहे हैं। बहुत से पूर्व छात्र दुनिया के विभिन्न देशों में कार्य कर रहे है। आने वाले समय में बिज़नेस व पर्यटन उद्योग के तेज़ी से बढ़ने के कारण इस उद्योग में स्किल्ड स्टाफ की अत्यधिक आवश्यकता होगी। विकसित देशों में युवाओं की जनसंख्या कम है- भारतीय युवाओं को अपनी दक्षता बढ़ा कर इन मौकों का उपयोग करना चाहिय। डॉ हेमा वर्मा ने बताया कि कई अभ्यर्थी मिलते हैं और बताते हैं कि उनका मन होटल मैनेजमेंट/ टूरिज्म में था लेकिन parents अनुमति नहीं दे रहे हैं। माता- पिता को भी यह समझना चाहिए की समय बदल गया है तथा उन्हें बच्चों के रुझान के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने देना चाहिए- आज के समय में बहुत से ऐसे नए करियर हैं जो दस-बीस साल पहले थे ही नहीं।


बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
