Saturday, September 5, 2026
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सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- स्मार्ट क्लास से मिट रहा शहर-गांव का फर्क! तकनीक से दूर होगी शिक्षा में असमानता

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जिन स्थानों पर स्मार्ट कक्षाएं शुरू हो गई हैं, वहां शहर और गांव के बीच का अंतर कम हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तकालयों की सुविधा पहुंचने से अमीर और गरीब के बीच की दूरी भी कम करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री के मुताबिक शिक्षा में असमानता को खत्म करने के लिए प्रौद्योगिकी सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है और राज्य तेजी से इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों का हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है और इस बदलाव से पीछे नहीं रहा जा सकता। रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में शिक्षक उतने ही प्रासंगिक रहेंगे।

मशीन जवाब दे सकती है, सवाल करना शिक्षक सिखाता है

सीएम योगी ने कहा कि तकनीक आने के बावजूद शिक्षक की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि मशीन किसी सवाल का जवाब दे सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति को सवाल पूछना नहीं सिखा सकती। उनके मुताबिक सवाल करने की क्षमता विकसित करने का काम शिक्षक ही करता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई कुछ ही सेकंड में वह जानकारी उपलब्ध करा सकता है, जिसे जुटाने में घंटों लग सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार एआई मूल्य नहीं दे सकता और विद्यार्थियों में मूल्यों की स्थापना केवल शिक्षक ही कर सकता है।

राजनीतिक विरोधियों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एक बार नहीं बल्कि चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला और जिस कांग्रेस पार्टी ने करीब छह दशक तक उत्तर प्रदेश पर शासन किया, वही लोग आज शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जर्जर इमारतों का दौरा कर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इन संरचनाओं को पहले ही बदला और आधुनिक किया जा चुका है तथा उन्हें बालवाटिका में परिवर्तित किया गया है।

 

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