प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मिला मोबाइल, 90 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिलने का दावा
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की सेल से बरामद मोबाइल फोन को लेकर नया खुलासा हुआ है। बुधवार देर शाम सामने आई जानकारी के अनुसार, जेल से मिले फोन में 90 से ज्यादा अश्लील वीडियो डाउनलोड पाए गए हैं। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
प्रज्वल रेवन्ना दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक, सोमवार दोपहर हाई प्रोफाइल कैदियों की तलाशी के दौरान सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी सीसीबी की टीम ने कार्रवाई की थी। इसी दौरान कथित तौर पर रेवन्ना के इस्तेमाल में रहा मोबाइल फोन बरामद किया गया।

मोबाइल की जांच में 90 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिलने का दावा
सीसीबी सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो मिले हैं। सूत्रों का दावा है कि फोन में 80 से 90 से अधिक वीडियो डाउनलोड थे। इनमें ज्यादातर वीडियो भारतीय पोर्नोग्राफिक कंटेंट से जुड़े होने की बात कही जा रही है।
पुलिस अब मोबाइल में मौजूद वीडियो और दूसरे डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के दौरान फोन में अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली अखबार की कटिंग्स भी मिलीं
सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन में महिलाओं की आपत्तिजनक या कम कपड़ों वाली तस्वीरों से जुड़ी अखबार की कटिंग्स भी स्टोर थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सामग्री कब डाउनलोड या सेव की गई थी।
जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि जेल के भीतर मोबाइल का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और फोन में मौजूद सामग्री का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
जेल के अंदर मोबाइल पहुंचने और इस्तेमाल की भी जांच
जांच में सिर्फ मोबाइल के डेटा को ही अहम नहीं माना जा रहा, बल्कि जेल के भीतर उसके इस्तेमाल की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फोन जेल तक कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल कब-कब किया गया।

सीसीबी मोबाइल में मौजूद वीडियो, फाइलों और अन्य डिजिटल सामग्री की फॉरेंसिक स्तर पर जांच कर रही है। डेटा की विस्तृत पड़ताल के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।
अगस्त 2025 में सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा
प्रज्वल रेवन्ना को अगस्त 2025 में बार-बार यौन उत्पीड़न, वॉयरिज्म और सबूत मिटाने से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उस समय वह हासन से लोकसभा उम्मीदवार थे।
2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोप सामने आए थे। उनके आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। रेवन्ना ने आरोपों से इनकार करते हुए वीडियो को मॉर्फ्ड यानी छेड़छाड़ कर तैयार किए जाने का दावा किया था।
2024 में दर्ज हुई थीं कई एफआईआर
28 अप्रैल से 10 जून 2024 के बीच प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके अलावा बेंगलुरु के साइबर क्राइम थानों में दो अलग मामले भी दर्ज हुए थे। उनके पिता एचडी रेवन्ना के खिलाफ भी एक अलग मामला दर्ज है।
फिलहाल जेल से बरामद मोबाइल फोन के डेटा की विस्तृत जांच जारी है। सीसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि फोन में मौजूद सामग्री का स्रोत क्या था और जेल के भीतर मोबाइल के इस्तेमाल से जुड़े अन्य लोग या परिस्थितियां क्या थीं।
