थर्ड एसी में चूहों ने कुतरा यात्री का बैग, उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 15 हजार रुपये का जुर्माना
कटनी: रेलवे की लापरवाही से एक यात्री को हुए नुकसान के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। मध्य प्रदेश के कटनी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने रेलवे प्रशासन को यात्री को 15 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला ट्रेन के थर्ड एसी कोच में चूहों द्वारा यात्री के बैग और उसमें रखे सामान को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
एसी कोच में चूहों ने खराब किया बैग और सामान

जानकारी के अनुसार कटनी की आदर्श कॉलोनी निवासी विपिन दुबे ने वर्ष 2020 में कटनी से कल्याण तक यात्रा करने के लिए थर्ड एसी कोच में आरक्षण कराया था। यात्रा के दौरान उन्होंने अपना बैग कोच में सुरक्षित स्थान पर रखा था। कुछ समय बाद जब उन्होंने बैग की जांच की तो पाया कि चूहों ने उसे कुतर दिया है। बैग में रखे कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
रेलवे से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
घटना के बाद यात्री ने तत्काल रेलवे अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई। हालांकि शिकायत के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक राहत नहीं मिली। रेलवे की ओर से उचित कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया।
आयोग ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की जिम्मेदारी
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि एसी कोच में चूहों की मौजूदगी रेलवे की सेवा में गंभीर कमी को दर्शाती है। इस लापरवाही के कारण यात्री को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।

रेलवे को 15 हजार रुपये भुगतान करने का निर्देश
आयोग ने रेलवे प्रशासन को प्रभावित यात्री को कुल 15 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इस राशि में मानसिक और शारीरिक कष्ट के लिए 5 हजार रुपये, वाद व्यय के लिए 5 हजार रुपये तथा क्षतिग्रस्त सामान की भरपाई की रकम शामिल है।
फैसले के बाद रेलवे व्यवस्था पर उठे सवाल
मामले में यात्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मौसुफ अहमद बिट्टू और अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने पैरवी की। आयोग का फैसला सामने आने के बाद यह मामला कटनी और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है। साथ ही रेलवे की साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
