Friday, August 7, 2026
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देवीपाटन मंडल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार, 18.35 करोड़ की 16 परियोजनाओं पर मंथन; छपिया धाम समेत कई स्थल होंगे विकसित

गोंडा: उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को गोंडा के महाराजा सुहेलदेव सभागार में देवीपाटन मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत करीब 18.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 16 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के साथ जनप्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें गोंडा की सात, बहराइच की चार, बलरामपुर की तीन और श्रावस्ती की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना और उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है।

धार्मिक पहचान के साथ पर्यटन सुविधाओं पर जोर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विकास का मतलब केवल आधारभूत ढांचा तैयार करना नहीं है। प्रत्येक स्थल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाना भी जरूरी है।

उन्होंने निर्देश दिया कि एक करोड़ रुपये तक की निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये तक की सभी परियोजनाओं को छह महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

मां नदना देवी से चारों धाम तक विकास की तैयारी

गोंडा जिले में सात पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें मां नदना देवी मंदिर, जंबूद्वीप स्थित राम जानकी मंदिर, अद्वैत स्वरूप आश्रम स्थित शंकर जी मंदिर, भगवान कपिल मुनि आश्रम, भक्ति धाम और चारों धाम सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के जरिए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं तैयार करने और धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना है।

22.18 करोड़ से संवर रहा स्वामीनारायण छपिया धाम

बैठक में गोंडा स्थित स्वामीनारायण छपिया मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। करीब 22.18 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना की प्रगति को संतोषजनक बताया गया। परियोजना के तहत पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, मंदिर परिसर में आकर्षक बाहरी प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य छपिया धाम को प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है।

बहराइच और बलरामपुर के धार्मिक स्थलों पर भी फोकस

बहराइच में प्रज्ञा शिव शक्ति मंदिर, प्राचीन जंगलीनाथ मंदिर, जगम्रवा बाबा मंदिर और समय माता मंदिर के विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। बलरामपुर में समय माता मंदिर के विकास का प्रस्ताव रखा गया।

श्रावस्ती में बट्ठा कुटी स्थल और सीताद्वार पर पर्यटक सुविधाओं तथा आधारभूत ढांचे के विस्तार के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इन योजनाओं के जरिए क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को और मजबूत करने की तैयारी है।

रामलीला मैदानों के विकास को भी मिली गति

संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास से जुड़े दो प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा करीब 3.39 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे महाराज परमहंस बरियाडीह रामलीला मैदान की प्रगति की भी समीक्षा हुई।

अधिकारियों को सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

प्राचीन शिवालयों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजना

धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव बैठक में रखे गए। इनमें गोंडा के गोरिनाथ शिवाला, बहराइच के शिव बागेश्वरनाथ मंदिर और श्रावस्ती के पांडवकालीन प्राचीन मुंडा शिवाला मंदिर समेत एक अन्य प्राचीन शिवाला के अनुरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे।

इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक धरोहरों का संरक्षण करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पुरानी परियोजनाओं की प्रगति की भी हुई समीक्षा

बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की स्वीकृत और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करने और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

जयवीर सिंह ने कहा कि देवीपाटन मंडल की यह समीक्षा प्रदेश के सभी 18 मंडलों में चल रहे पर्यटन विकास अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में स्थापित करना है।

 

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