‘तुम दोनों में से बड़ा कौन है? स्कूल जाते हो या नहीं’, जनता दरबार में CM योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर में मौजूद हैं, जहां बुधवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन के दौरान 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए। इस दौरान एक महिला के साथ दो बच्चों को देखकर उनका बाल प्रेम फिर जागृत हुआ, और बच्चों से पूछा कि स्कूल जाते हो, तुम दोनों में से बड़ा कौन है? स्कूल जाया करो। यह लो चॉकलेट मुख्यमंत्री द्वारा अपने हाथों से बच्चों को चॉकलेट देते देखा बच्चों की मां भी भाव विभोर हो उठीं।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर में मौजूद हैं, जहां उन्होंने मंगलवार को विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान वह जनता दर्शन में आए दर्शनार्थियों की भी फरियाद सुनते दिखाई दिए। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह भी 200 लोगों की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जिला निर्देश दिए और कहा की समस्याओं का समाधान तत्काल कराया जाए।
सीएम योगी ने पूछा
इस दौरान एक महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ अपनी समस्या को लेकर पहुंची थी, जैसे ही सीएम ने बच्चों को देखा तो उनका बाल प्रेम जागृत हो उठा और बड़े प्यार से उन्होंने दोनों बच्चों से पूछा स्कूल जाते हो, स्कूल जाया करो तुम दोनों में से बड़ा कौन है? दोनों एक साथ खड़े हो और फिर बोले, देखो छोटा वाला तुमसे लंबा दिख रहा है। यह कहते हुए बड़े प्यार से अपने हाथों से दोनों बच्चों को चॉकलेट दी, जिसे देखकर बच्चों की मां भी भाव विभोर हो उठीं।

लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं
बता दें कि सीएम योगी मुख्यमंत्री बनने से पूर्व जब गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद थे, तब से ही यह परंपरा लगातार चली आ रही है। जो भी लोग चाहे वह हिंदू हो ,मुस्लिम हो या किसी भी समुदाय से जुड़ा हुआ हो, अपनी समस्याओं को लेकर मंदिर परिसर में पहुंचते हैं, जहां यथा संभव समस्याओं का समाधान कराया जाता है। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के पश्चात भी योगी आदित्यनाथ लगातार इस क्रम को बनाए हुए हैं और आज जब भी वह गोरखपुर में मौजूद होते हैं, जनता दर्शन के दौरान आए लोगों की समस्याएं सुनकर उचित समाधान करने की कोशिश उनके द्वारा की जाती है।
इसमें ज्यादातर घरेलू समस्याओं से लेकर जमीनी विवादों, स्वास्थ्य संबंधित समस्यायों, आर्थिक दिक्कतों और प्रताड़ना का मामला सामने आता है, जिसे सुनने के बाद मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश देते हैं।
