Friday, June 12, 2026
धर्मलाइफस्टाइल

घर में विष्णु और लक्ष्मी दोनों तुलसी क्यों रखनी चाहिए? जानें पूजा करने और दीप जलाने के नियम

घरों में तुलसी के पौधे उगाना और उनकी पूजा करना आम बात है. तुलसी से विवाह करना और भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करना भारतीय परंपरा का हिस्सा है. हम सभी जानते हैं कि तुलसी भगवान विष्णु को सबसे प्रिय हैं. इस संबंध में प्रख्यात ज्योतिषी डॉ. बसवराज गुरुजी ने तुलसी पूजा के महत्व और उसकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि घर में केवल एक ही प्रकार की तुलसी नहीं रखनी चाहिए.

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि तुलसी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं. कृष्ण तुलसी और राम तुलसी. कृष्ण तुलसी को कुछ स्थानों पर लक्ष्मी तुलसी भी कहा जाता है. यह आमतौर पर हल्के काले या गहरे हरे रंग की होती है. राम तुलसी को विष्णु तुलसी भी कहा जाता है. यह अधिक हरे रंग की होती है. हिंदू परंपरा के अनुसार, प्रत्येक घर में तुलसी के इन दोनों प्रकारों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है. उन्होंने कहा कि घर में लक्ष्मी तुलसी और विष्णु तुलसी दोनों को अलग-अलग रखना हर तरह से शुभ होता है. इससे सौभाग्य, धन और सबसे महत्वपूर्ण, अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है. साथ ही परिवार में कलह दूर होती है और घर पर बुरी नजर नहीं पड़ती.

क्या दोनों तुलसी को एक जगह रख सकते हैं?
यह स्वाभाविक है कि मन में यह सवाल उठे कि क्या दोनों तुलसी के पौधों को एक ही जगह पर रखना चाहिए या अगल-बगल. इसको लेकर गुरुजी ने कहा कि घर में लक्ष्मी तुलसी को एक जगह और विष्णु तुलसी को दूसरी जगह पर रखा जा सकता है. इन्हें उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, ब्रह्मस्थान या घर के सामने लगाया जा सकता है. हालांकि, दोनों तुलसी के पौधों को एक ही गमले में नहीं उगाना चाहिए. यदि इन्हें अलग-अलग रखकर पूजा-अर्चना की जाए, तो शीघ्र ही फल प्राप्त होंगे.

तुलसी दल तोड़ते समय फॉलो करें ये नियम
गुरुजी ने कहा कि तुलसी के दल तोड़ते समय भी कुछ नियमों का पालन करना चाहिए. तुलसी को महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली के रूप में माना जाता है. तुलसी का आदर इस भावना के साथ करना चाहिए कि इन देवियों की कृपा तुलसी में समाहित है. तुलसी को कैंची से नहीं काटना चाहिए. शाम या सुबह के समय दल नहीं तोड़नी चाहिए. तुलसी के दल तोड़ते समय ॐ नमो नारायण या अष्टाक्षरी मंत्र का जाप करना चाहिए. इसके अलावा चप्पल पहनकर तुलसी के दल नहीं तोड़नी चाहिए.

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि गणेश जी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए इसलिए गुरुजी ने सलाह दी है कि यदि कृष्ण तुलसी और लक्ष्मी तुलसी दोनों को घर के आंगन में रखकर विधिपूर्वक पूजा की जाए, तो यह हर तरह से शुभ होगा.

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