कैल्शियम की कमी से कमजोर हो सकती हैं हड्डियां, डाइट में शामिल करें ये 4 फूड्स
नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रखने और हड्डियों को मजबूती देने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और लंबे समय तक कमी बने रहने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कैल्शियम दांतों, मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए रोजाना के खानपान में कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करना जरूरी है।जब शरीर को भोजन से पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता, तो वह खून में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने के लिए हड्डियों में जमा कैल्शियम का इस्तेमाल कर सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने से हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है। दूध और डेयरी उत्पादों के अलावा कुछ अनाज और अन्य खाद्य पदार्थ भी कैल्शियम पाने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 4 फूड्स के बारे में।
1. दूध और दही
दूध कैल्शियम का प्रमुख स्रोत माना जाता है। लगभग 100 मिलीलीटर गाय के दूध में करीब 120 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जा सकता है, हालांकि इसकी मात्रा दूध के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। नियमित रूप से दूध पीने से शरीर को कैल्शियम के साथ प्रोटीन भी मिलता है।
दूध के अलावा दही को भी अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह कैल्शियम और प्रोटीन देने के साथ पाचन के लिए भी उपयोगी हो सकता है। जिन लोगों को दूध पचाने में परेशानी होती है, वे अपनी सहनशीलता के अनुसार दही या लैक्टोज-मुक्त विकल्प चुन सकते हैं।
2. रागी
रागी एक पौष्टिक अनाज है, जिसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। 100 ग्राम सूखी रागी में लगभग 344 से 364 मिलीग्राम कैल्शियम हो सकता है। इस वजह से यह उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प है, जो अपने भोजन में कैल्शियम के पौधों से मिलने वाले स्रोत बढ़ाना चाहते हैं।
रागी को रोटी, दलिया, डोसा या अन्य व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, सूखी रागी में कैल्शियम की मात्रा और पकाने के बाद तैयार भोजन की मात्रा अलग-अलग होती है। इसलिए इसे संतुलित आहार के हिस्से के रूप में लेना बेहतर है।
3. अंकुरित मूंग
अंकुरित मूंग में प्रोटीन, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें कैल्शियम भी मौजूद होता है, हालांकि इसकी मात्रा रागी और दूध जैसे कुछ प्रमुख कैल्शियम स्रोतों की तुलना में कम होती है।
इसे सलाद, चाट या हल्के पके नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। अंकुरित मूंग संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर को पोषण देने में मदद करती है। अंकुरित अनाज में बैक्टीरिया पनपने का जोखिम हो सकता है, इसलिए इन्हें अच्छी तरह धोना और विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए पकाकर खाना अधिक सुरक्षित है।

4. गुड़
गुड़ का इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों और मिठाइयों में किया जाता है। इसमें कुछ मात्रा में कैल्शियम और आयरन सहित खनिज पाए जा सकते हैं। हालांकि, गुड़ को कैल्शियम का मुख्य स्रोत मानना सही नहीं है। इसकी खनिज मात्रा बनाने की प्रक्रिया और उत्पाद के अनुसार बदलती है।
गुड़ में शुगर भी काफी अधिक होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए दूध, दही, रागी और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर है।
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा पाने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में विटामिन D भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए खानपान के साथ विटामिन D की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान देना चाहिए।
अगर लगातार मांसपेशियों में ऐंठन, हड्डियों में दर्द या अन्य परेशानी हो रही है, तो इसे केवल कैल्शियम की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। इन लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें और उनकी सिफारिश के अनुसार जांच या सप्लीमेंट का विकल्प चुनें।
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