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आईवीआरआई में पशु आहार प्रौद्योगिकियों पर उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन


बरेली, 07 सितंबर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर–आईवीआरआई), इज्जतनगर के एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन (ABI) सेंटर एवं पशु पोषण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “पशु आहार प्रौद्योगिकियों पर उद्यमिता विकास कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों, युवाओं एवं भावी उद्यमियों को वैज्ञानिक पशु आहार निर्माण, संतुलित आहार प्रबंधन, स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों से गुणवत्तापूर्ण पशु आहार तैयार करने तथा पशु आहार आधारित व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक जानकारी प्रदान करना है।
इस अवसर पर संस्थान की संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से तैयार संतुलित पशु आहार न केवल पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाता है, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता सफल उद्यमियों के साथ संवाद एवं अनुभव साझा करना है। प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना, वित्तीय प्रबंधन तथा ऋण सुविधाओं के संबंध में संबंधित विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस अवसर पर आईसीएआर–आईवीआरआई की डिजिटल सेवाओं, मोबाइल एप्लीकेशन, शैक्षणिक वीडियो, पॉडकास्ट एवं ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण के बाद भी वे संस्थान की वैज्ञानिक जानकारी एवं संसाधनों का लाभ उठा सकें।
डॉ. रूपसी तिवारी ने आगे बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी अथवा वैज्ञानिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि प्रतिभागियों में उपलब्ध ज्ञान को व्यावसायिक अवसरों में बदलने की समझ विकसित करना है। प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों से संवाद करें, प्रश्न पूछें तथा प्राप्त तकनीकों को अपने क्षेत्र में अपनाकर सफल एवं टिकाऊ उद्यम स्थापित करने का प्रयास करें।
इस अवसर पर पशु पोषण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण दत्ता ने कहा कि स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग करके पशुपालन की लागत को कम करने तथा किसानों की आय बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि पशु आहार केवल कृषि एवं कृषि उत्पादों का उपयोग भर नहीं है, बल्कि उचित अनुपात, पोषक तत्वों की आवश्यकता तथा प्रसंस्करण तकनीक को समझकर संतुलित आहार तैयार करना उद्यम की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आगे बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों के पशुओं के लिए संतुलित राशन तैयार करने, दाना एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, फीड प्रसंस्करण, पोषक तत्वों की उपलब्धता, प्रोबायोटिक्स एवं प्रीबायोटिक्स, खनिज मिश्रण, माइकोटॉक्सिन प्रबंधन तथा पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादकता से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं व्यावहारिक जानकारी दी जायेगी ।
कार्यक्रम के सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. एम.के. सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुओं की पोषण संबंधी आवश्यकताओं, संतुलित पशु आहार के महत्व, विभिन्न प्रकार के पशु आहार एवं फीड सप्लीमेंट के निर्माण, आहार में पोषक तत्वों के संतुलन तथा आधुनिक पशु आहार प्रौद्योगिकियों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी जाएगी।
डॉ. सिंह ने आगे बताया कि आईवीआरआई के विभिन्न विभागों के वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल में डेयरी उद्यम के लिए संतुलित राशन, फीड प्लांट एवं संबंधित उपकरणों का रखरखाव, फीड सामग्री एवं पैकेजिंग, डेयरी पशुओं में चयापचय संबंधी विकारों का प्रबंधन, हरे चारे का उत्पादन एवं संरक्षण, साइलेज एवं हे तैयार करना, दूध प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, पशु आहार में खनिजों का महत्व, गैर-पारंपरिक आहार संसाधन तथा मीथेन उत्सर्जन न्यूनीकरण जैसे विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को कुक्कुट पालन के लिए अर्थशास्त्र एवं उद्यमिता, विभिन्न श्रेणियों के कुक्कुट के लिए आहार निर्माण, डेयरी पशुओं के चयन एवं प्रजनन, विभिन्न श्रेणियों के पशुओं के लिए राशन निर्माण तथा फीड प्रसंस्करण का पोषक तत्वों की उपलब्धता पर प्रभाव जैसे विषयों पर पशु आहार निर्माण की व्यावहारिक तकनीकों के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, विपणन तथा पशु आहार व्यवसाय को सफलतापूर्वक स्थापित करने से संबंधित जानकारी दी जायेगी ।
इस अवसर पर संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अंजु काला तथा डॉ. सागर चंद एवं पशु पोषण विभाग तथा एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन (ABI) सेंटर के कर्मचारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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