उत्तर प्रदेश

कॉमन फैसिलिटी सेंटर को और अधिक उपयोगी बनाने के सम्बंध में हुई बैठक

बरेली, 06 सितंबर। जिलाधिकारी श्री शिवाकान्त द्विवेदी के निर्देशों के क्रम में संयुक्त आयुक्त उद्योग श्री सर्वेश्वर शुक्ला द्वारा कल ओडीओपी सीएफसी योजनान्तर्गत स्थापित की जा रही मै0 के0 इम्प्रेशन सोसायटी, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ग्राम खाई खेड़ा में स्थापित होने वाली मशीनों से संबंधित जानकारी एवं जरी जरदोजी सीएफसी स्थापित करने से संबंधित अन्य मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु बैठक आयोजित की गयी।
संयुक्त आयुक्त उद्योग ने अवगत कराया कि सरकार का सीएफसी स्थापित करने का उद्देश्य है कि जनपद के इस कारीगरी से जुड़े सभी छोटे-बड़े कारीगर अधिक से अधिक संख्या में सीएफसी में स्थापित होने जा रही मशीनों का लाभ प्राप्त करते हुए अपने जरी से संबंधित उत्पाद को उत्कृष्ट बनाते हुए दुनियॉं एवं देश के बाजारों में प्रस्तुत करें। संयुक्त आयुक्त उद्योग ने सचिव एसपीवी को निर्देश दिये कि एसपीवी में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ा जाये। एक माह में कम से कम 1000 हजार लोग एसपीवी में अवश्य जोड़े जायें एवं नेटवर्किंग को बढ़ाते हुए प्रचार-प्रसार करें। सर्विस लेने वाले कारीगरी से मिलकर उन्हें सीएफसी में लगने जा रही मशीनों की जानकारी प्रदान करें एवं वायर्स, स्टिचिंग, डिजाइनर आदि सभी की अलग-अलग टीम बनायी जाये। एसपीवी में कोई भी सदस्य मात्र कागजी तौर पर नहीं जुड़ना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति छोटे एवं बड़े स्तर पर जरी कारीगर, एक्सपोर्टर, अवश्य होना चाहिए। शीघ्र आने वाले समय में 1000 व्यक्तियों के सम्पर्क से 10 हजार व्यक्तियों को जानकारी प्रदान करते हुए जोड़ने का भरसक प्रयास किया जाये जिससे सरकार की सीएफसी की मंशा (कॉमन फैसिलिटी सेन्टर) पूर्ण हो सके।
संयुक्त आयुक्त उद्योग ने एसपीवी सचिव श्रीमती अचला अग्रवाल से सीएफसी में स्थापित होने वाली मशीनों की उपयोगिता के संबंध में समिति को अवगत कराने हेतु कहा गया। श्रीमती अग्रवाल ने समिति को बताया कि पूर्व में जिले में परंपरागत तरीके से अड्डों आदि पर जरी का कार्य किया जाता था। सीएफसी में इन मशीनों के उपयोग से सारा मार्केट जैसे-किड्स वेयर, लेडीज वेयर, कर्टेन, पर्स आदि सभी प्रकार की जरी कारीगर हेतु जनपद एवं आस-पास क्षेत्र के कारीगरों को मदद मिलेगी। डिजाईन मशीन के उपयोग से विभिन्न प्रकार के डिजाईन आसानी से बनाये जा सकते हैं, स्पॉट क्लीनिंग मशीन से कपड़े में लगे स्पॉट का साफ करना, स्टिचिंग मशीनों से विभिन्न प्रकार की स्टिचिंग करना, बटन होल स्विंग मशीन से एक समय में अधिक संख्या में बटन लगाना, फियूजन मशीन, पैकेजिंग मशीन से एक समय में 400 से 800 पीस तक पैक किये जायेंगे इससे कारीगरों के कार्य में बहुत अधिक वृद्वि होगी। उनके द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि वह इन मशीनों के इस्तेमाल हेतु डिजाईनर, टेलर आदि वर्कर रखते हुए जरी के कार्य की गुणवत्ता में सुधार करते हुए एक छत के नीचे सारी सुविधा उपलब्ध कराते हुए जरी कार्य को एक्सपोर्ट लेवल तक पहुंचाना सीएफसी का उद्देश्य है।
प्रोफेसर एनआईएफटी डा0 स्मृति यादव ने एसपीवी सचिव को अवगत कराया कि डीपीआर के अनुसार अड्डे पर कार्य के उपरान्त सीधे फिनिशिंग हेतु बताया गया है इस हेतु इनमें से कुछ मशीनों का उपयोग नहीं है। किन्तु यदि इसका उद्देश्य जनपद एवं आस-पास के जरी कारीगरों, निर्यातकों को उनके जरी कार्य हेतु डिजाईन से लेकर आईरन, फिनिशिंग आदि सभी सुविधायें प्रदान करते हुए पूर्ण कराना है तो इन सभी मशीनों का उपयोग है।
डॉ0 पी0 थेन्नारासू, निदेशक, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, वाराणसी, डा0 स्मृति यादव, प्रोफेसर, एनआईएफटी, मिस कीर्ति सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, एनआईएफटी द्वारा सुझाव दिया गया कि यदि सीएफसी में तीन विभागों जैसे 1-डिजाईनर 2-इम्ब्राईडरी 3-पैटर्न (स्टिचिंग) आदि में बॉटते विभाजित करते हुए इन मशीनों से संबंधित जानकार लोगों को जोड़ते हुए एक छत के नीचे सभी सुविधायें उपलब्ध करायी जायेंगी तो जरी कार्य में उत्पादकता बढ़ेगी।
एसपीवी सदस्यों द्वारा श्रीमती रिम्पी राठौर, श्रीमती अमिता अग्रवाल, श्रीमती नाजिम फातिमा, श्री नदीम मियां द्वारा अवगत कराया गया कि अभी तक वे अपने जरी प्रोडक्ट्स को फिनिशिंग देने, स्टिचिंग आदि कार्य अधिक मूल्य पर आगरा आदि से कराते थे। श्रीमती नाजिम फातिमा ने अवगत कराया कि वह मध्यस्थों द्वारा प्राप्त कार्य को करती हैं जिससे उन्हें अपनी मेहनत का बहुत कम दाम मिलता है। सीएफसी में मशीनों की स्थापना से वह अपने उत्पाद पर डिजाईन से लेकर फिनिशिंग, पैकेजिंग सभी कार्य उन मशीनों द्वारा करके खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ सकेंगे।
श्री आदित्य प्रकाश प्रतिनिधि हैण्डीक्राफट, श्री कुलदीप सिंह प्रतिनिधि हैण्डलूम, श्री राम सूरत प्रतिनिधि प्रधानाचार्य आईटीआई द्वारा बताया गया कि सभी मशीनें उपयोगी हैं। मशीनों की आवश्यकतानुसार इन मशीनों के जानकारी एक्सपर्ट को एसपीवी में सम्मिलित किया जाना चाहिए।
बैठक में डॉ0 पी0 थेन्नारासू निदेशक, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी, डा0 स्मृति यादव प्रोफेसर एनआईएफटी, मिस कीर्ति सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर, एनआईएफटी द्वारा ऑनलाइन प्रतिभाग किया गया। बैठक में सचिव एसपीवी श्रीमती अचला अग्रवाल, एसपीवी सदस्य श्रीमती अमिता अग्रवाल, श्रीमती पूजा, श्रीमती रचना सक्सेना, श्रीमती नाजिम फातमा, श्रीमती रिम्पी राठौर, श्रीमती राधा अग्रवाल, श्रीमती अनीता अग्रवाल, श्री नदीम मियां, श्रीमती रिता अग्रवाल, सुश्री अंशिका गर्ग द्वारा प्रतिभाग किया गया। इसके अतिरिक्त संबंधित विभाग सहायक आयुक्त उद्योग श्रीमती कामिनी यादव, उपायुक्त उद्योग सुश्री अर्चना पालीवाल, सहायक निदेशक हस्तशिल्प के प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य राजकीय प्रशिक्षण संस्थान, सहायक लेखाधिकारी जिउप्रोएवंउवि केन्द्र, वित्त एवं लेखाधिकारी जिला विकास कार्यालय, एवं सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग ने प्रतिभाग किया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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