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पिता ठेले पर बेचते हैं सब्जी, बेटी बनी राइजिंग स्टार, ऐसे ही नहीं मिला अंतरराष्ट्रीय मुकाम

New Delhi, Oct 12 : भारत की फॉरवर्ड हॉकी खिलाड़ी मुमताज खान को फेडरेशन इंटरनेशनल हॉकी की ओर से राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से नवाजा गया है, ये उनके शहर के लिये गौरव का पल है, खासकर मुमताज ने अपने माता-पिता का मान बढाया है, जो कैंट क्षेत्र में ठेले पर सब्जी बेचकर गुजर-बसर करते हैं, अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने में उन्होने रात-दिन एक कर दिया है, हालांकि मुमताज के सपनों को लेकर शुरु से ही उनके अभिवावक साथ नहीं थे, लेकिन उनका हुनर देख दोनों को भरोसा था, कि बेटी नाम करेगी।

लखनऊ की रहने वाली
लखनऊ की रहने वाली मुमताज खान ने इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में जूनियर विश्वकप में बेल्जियम की शॉर्लेट को हराकर ये खिताब अपने नाम कर लिया, 19 वर्षीय मुमताज ने अप्रैल में पॉचेफस्ट्रूम में भारत के चौथे स्थान पर रहने के दौरान 6 मैचों में हैट्रिक समेत 8 गोल दागे थे, वो जूनियर विश्वकप में सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर थी, अब मुमताज ने राइजिंग स्टार का खिताब जीता है, जिसके बाद माता-पिता और शहर वालों को गौरव का पल दिया है।

पहले नाराज हुए माता-पिता, फिर
एक लीडिंग वेबसाइट से बात करते हुए मुमताज ने अपने संघर्ष को साझा किया, उन्होने बताया कि राइजिंग स्टार अवॉर्ड जीतकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है, उन्होने बताया कि उनकी शुरुआत 2016 में केडी सिंह बाबू स्टेडियम से हुई थी, उनकी कोच नीलम सिद्दीकी ने उन्हें बहुत प्रोत्साहित किया था, मुमताज के अनुसार उनके पिता हाफिज खान ने मना किया था, लेकिन बाद में वो राजी हो गये, उनकी मां कैसर जहां भी काफी नाराज थी, हालांकि इसके बावजूद उन्होने खेलना जारी रखा, जिसकी वजह से आज इस मुकाम पर पहुंची है।

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मुमताज का सपना है कि वो एक दिन देश के लिये हॉकी खेलें, वहीं उनके पिता और मां ने कहा कि उन दोनों को बेटी पर गर्व है, शुरुआत में जब बेटी ने खेलना शुरु किय था, तो वो मना करते थे, उन्हें खेलने से रोकते थे, लेकिन फिर उनका साथ देने लगे, जिससे बेटी आगे बढ रही है।

india speek से साभार

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