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अस्पताल की बड़ी लापरवाही! A पॉजिटिव महिला को चढ़ा दिया B पॉजिटिव खून, हालत बिगड़ी तो भुवनेश्वर रेफर

ओडिशा: पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज के दौरान ल्यूकेमिया से पीड़ित एक महिला को कथित तौर पर गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया। महिला का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव था, जबकि ट्रांसफ्यूजन के दौरान उसे B पॉजिटिव ब्लड दिए जाने का आरोप है। गलत खून चढ़ाए जाने के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई और उसे आगे के इलाज के लिए भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिवार का आरोप है कि गलत ब्लड चढ़ाए जाने के बाद महिला को खून की उल्टी हुई और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और ब्लड ट्रांसफ्यूजन से पहले ब्लड ग्रुप की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

7, 8 और 9 सितंबर को भी दिया गया था खून

महिला की पहचान प्रदर्शनी प्रधान के रूप में हुई है। उनके बेटे मानस प्रधान के मुताबिक, उनकी मां का ब्लड काउंट लगातार गिर रहा था और हीमोग्लोबिन भी कम था। इसी वजह से परिवार उन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए अस्पताल लेकर आया था।

मानस ने बताया कि 7 सितंबर को उनकी मां को एक यूनिट ब्लड दिया गया था। इसके बाद 8 सितंबर को दोबारा ब्लड चढ़ाया गया और 9 सितंबर को भी एक यूनिट दी गई। इसके बाद गुरुवार को जब फिर से ब्लड चढ़ाया जा रहा था, उस समय मानस वहां मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके पिता अस्पताल में थे।

परिवार का दावा है कि इसी दौरान ब्लड बैंक की ओर से B पॉजिटिव ब्लड दिया गया, जबकि प्रदर्शनी का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव है।

अस्पताल ने ब्लड बैंक पर डाल दी जिम्मेदारी

मानस प्रधान के अनुसार, जब परिवार ने अस्पताल में इस मामले को लेकर सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि यह अस्पताल की गलती नहीं बल्कि ब्लड बैंक की गलती है। परिवार का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मरीज के ब्लड ग्रुप का सत्यापन किए बिना गलत ग्रुप का खून कैसे जारी हुआ और उसे चढ़ाया कैसे गया।

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तबीयत बिगड़ी तो भुवनेश्वर किया गया रेफर

परिवार के मुताबिक, गलत ब्लड चढ़ने के बाद प्रदर्शनी की हालत गंभीर हो गई और उन्हें खून की उल्टी होने लगी। इसके बाद उन्हें पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल से भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया।

मानस ने बताया कि अस्पताल की ओर से परिवार से मरीज को कहीं और ले जाने के लिए कहा गया, क्योंकि वहां उनके इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। परिवार का कहना है कि अस्पताल की ओर से उन्हें यह भी बताया गया कि संबंधित कर्मचारियों को मामले की पूरी जानकारी नहीं है।

CDMO ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा

परिवार ने मामले की जानकारी मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) को भी दी। मानस के मुताबिक, CDMO ने परिवार से बात की और कहा कि वह अगले दिन उनसे मिलकर मामले की जानकारी लेंगे। परिवार की शिकायत के बाद CDMO ने मामले की जांच कराने और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।

 

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