भूलकर भी गर्म तवे पर कभी न डालें पानी, जीवन में झेलनी पड़ती हैं परेशानियां

नई दिल्ली . कई घरों में खाना बनाने के बाद अक्सर गर्म तवे को ठंडा करने के लिए उस पर पानी डालते हैं. क्या ऐसा करना ठीक होता है. वास्तु शास्त्र इस बारे में क्या कहता है. ऐसा करने से आपके जीवन पर क्या असर पड़ता है. आइए आज आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.

परिवार को झेलनी पड़ती हैं परेशानियां
वास्तु शास्त्र के मुताबिक गर्म तवे पर पानी डालने से परिवार को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. इससे घर की आर्थिक संपन्नता पर असर पड़ता है और सेहत संबंधी कई दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं. आइए जानते हैं कि गर्म तवे पर पानी डालने से क्या-क्या विपत्तियां झेलनी पड़ती हैं.

चली जाती है घर की खुशहाली
– गर्म तवे पर पानी डालने से घर की खुशहाली और सम्पन्नता चली जाती है. इसलिए कभी भी भूलकर ऐसी हिमाकत न करें.
– गर्म तवे पर पानी डालने से उसमें से छन की आवाज आती है. ऐसी आवाज नकारात्मकता का कारण बनती है. यानि इससे घर में नकारात्मकता आती है.

मूसलाधार बारिश होने से नुकसान
– वास्तु शास्त्र के अनुसार गर्म तवे पर पानी डालने से मूसलाधार बारिश होती है, जिससे लोगों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है.
– गर्म तवे पर पानी डालने से घरों में कई परेशानियां प्रवेश कर जाती हैं. जिससे घर की संपन्नता घट जाती है.

परिवार में प्रवेश करती है नकारात्मकता
धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि रसोई घर में कभी भी तवे को उल्टा करके नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से परिवार में नकारात्मकता का प्रवेश होता है. यह भी मान्यता है कि रोटी बनाने से पहले तवे पर नमक छिड़कना चाहिए. ऐसा करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper