कानपुर बनेगा रक्षा निर्माण का बड़ा केंद्र! निवेश बढ़ाने और उद्योगों को जोड़ने पर आज होगा मंथन
कानपुर: उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत कानपुर को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है। शहर में 2 सितंबर, बुधवार को ‘स्ट्रेटेजिक उत्तर प्रदेश: कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप’ का आयोजन किया जा रहा है। एटरनिटी होटल में होने वाली इस कार्यशाला में रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, स्थानीय उद्योगों को रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने और नीतिगत सुधारों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कानपुर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को राष्ट्रीय रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना और क्षेत्र में बड़े निवेश को बढ़ावा देना है। इससे कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र को रक्षा निर्माण के साथ जोड़कर नई गति देने की दिशा में काम किया जाएगा।

सुबह 8:30 बजे पंजीयन के साथ कार्यशाला की शुरुआत होगी। उद्घाटन सत्र में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर हर्ष वी. पंत, कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और कानपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश अवस्थी अपने विचार रखेंगे और अतिथियों का स्वागत करेंगे।
कानपुर के औद्योगिक तंत्र और रक्षा क्षेत्र के जुड़ाव पर चर्चा
कार्यक्रम के पहले सत्र में ‘यूपी डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत कानपुर का औद्योगिक इकोसिस्टम’ विषय पर चर्चा होगी। इस सत्र का संचालन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर विवेक मिश्रा करेंगे। इसमें जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह के साथ रक्षा और तकनीक क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
चर्चा में डीएमएसआरडीई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आशीष दुबे, डेटम एडवांस्ड कंपोजिट्स के उप प्रबंध निदेशक तनय तिवारी, एयरोस्पेस एवं एविएशन सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ संघरक्षका वी.पी., गोविंद नारायण एंड ब्रदर्स के सीईओ देवांश गर्ग और यूएसआईबीसी के निदेशक उदय अरुण प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधारों पर मंथन
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सुबह 11:30 बजे दूसरे सत्र का आयोजन होगा। इसका विषय ‘रक्षा निर्माण को मजबूत करने के लिए नीतिगत एवं संस्थागत सुधार’ रखा गया है। डॉक्टर समीर पाटिल के संचालन में होने वाले इस सत्र में रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और संस्थागत व्यवस्था में जरूरी सुधारों पर चर्चा की जाएगी।
इस सत्र में टीकेएमएस इंडिया के उपाध्यक्ष कमोडोर अनिल जय सिंह, रक्षा मंत्रालय के पूर्व वित्तीय सलाहकार अमित कौशिश, डेल्टा कॉम्बैट सिस्टम्स लिमिटेड के चेयरमैन संतोष कुमार, ईवाई के प्रबंधक बलप्रीत सिंह और कार्नेगी इंडिया के फेलो दिनकर पेरी अपने विचार रखेंगे।
दोपहर में कार्यशाला के प्रमुख निष्कर्ष होंगे साझा
दोपहर 1 बजे डॉक्टर अतुल कुमार और कुमकुम मोहता कार्यशाला में हुई चर्चाओं और सामने आए प्रमुख निष्कर्षों का सार प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सभी विशेषज्ञ एमकेयू लिमिटेड के औद्योगिक परिसर का दौरा करेंगे। कार्यशाला के जरिए कानपुर के स्थानीय उद्योगों की रक्षा क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने और डिफेंस कॉरिडोर में निवेश को गति देने की संभावनाओं पर विशेष जोर रहेगा।

