गोरखपुर में हिस्ट्रीशीटर को सरेआम गोली! लेनदेन के विवाद में पैर और हाथ में लगी गोली, पूर्व प्रधान हत्याकांड का है आरोपी
गोरखपुर: चौरीचौरा क्षेत्र में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में हिस्ट्रीशीटर दुर्गेश चौधरी को गोली मार दी गई। बुधवार रात खैराबाद गांव के डूडी चौराहे पर हुई इस वारदात में दुर्गेश के पैर और हाथ में गोली लगी। घायल हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की तलाश में दबिश दे रही है।
एक लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक खोराबार क्षेत्र के डांगीपार निवासी अतुल ने खैराबाद के डूडी निवासी रतन लाल चौधरी से एक लाख रुपये लिए थे। रुपये वापस नहीं करने पर बुधवार को गांव के कुछ युवक अतुल को लेकर डूडी गांव पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान अतुल का सहयोगी महदेवा जंगल निवासी दुर्गेश चौधरी भी मौके पर पहुंच गया।
कहासुनी के बीच चली गोली
दोनों पक्षों में कहासुनी चल रही थी, तभी किसी ने दुर्गेश चौधरी पर गोली चला दी। गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल दुर्गेश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है और उसकी हालत में सुधार बताया गया है।
डूडी गांव के युवकों पर हमले का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में डूडी गांव के कुछ युवकों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई है। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र के मुताबिक हमलावरों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व प्रधान की हत्या में मुख्य आरोपी रहा है दुर्गेश
गोली लगने वाला दुर्गेश चौधरी पहले से ही आपराधिक इतिहास रखता है। वह महदेवा जंगल के पूर्व प्रधान मनोज यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता रहा है। अगस्त 2015 में हुई इस हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में राजनीतिक रंजिश को आधार बनाकर तत्कालीन बसपा विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जमीन कारोबार और करोड़ों के लेनदेन से जुड़ी थी पुरानी हत्या
जांच आगे बढ़ने पर पूर्व प्रधान मनोज यादव की हत्या के पीछे जमीन के कारोबार और करोड़ों रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया था। पुलिस के मुताबिक इसी विवाद को लेकर दुर्गेश चौधरी ने हत्या की साजिश रची थी। अब एक बार फिर लेनदेन के विवाद में उसी हिस्ट्रीशीटर को गोली मारे जाने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।

