Thursday, September 3, 2026
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PM किसान पर बड़ा अपडेट! अब जमीन जिसके नाम, उसी किसान को मिलेगा पैसा; बिहार के 32 लाख से ज्यादा किसानों पर मंडराया लाभ से बाहर होने का खतरा

पटना: बिहार में लाखों किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि समेत दूसरी सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो सकता है। सरकार की नई व्यवस्था में जमीन के कागजात जिस किसान के नाम होंगे, उसी को योजना का लाभ दिए जाने की बात सामने आई है। इसके लिए किसानों की विशिष्ट पहचान यानी फार्मर आईडी जरूरी होगी। बिहार में पहले चरण में पीएम किसान सम्मान निधि के 85.53 लाख लाभुकों की फार्मर आईडी बनाई जानी है, लेकिन अब तक 53.45 लाख किसानों की ही पहचान पूरी हो सकी है। ऐसे में करीब 32 लाख किसान अभी इस प्रक्रिया से बाहर हैं।

फार्मर आईडी नहीं बनी तो योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है

फार्मर आईडी नहीं होने से किसानों को आने वाले समय में खाद, बीज और दूसरी कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर व्यवस्था यह है कि लाभ उस किसान को दिया जाएगा जिसके नाम खेती की जमीन दर्ज है। एक परिवार में पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग इस योजना की राशि नहीं मिल सकती। वहीं आयकरदाता किसान योजना के लाभ के पात्र नहीं होंगे।

तीन बार विशेष अभियान चलाए जाने के बावजूद फार्मर आईडी बनाने की संख्या अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। इसमें सबसे बड़ी समस्या ऐसे रैयत किसानों के सामने है, जिनके नाम पर खेती की जमीन दर्ज नहीं है।

जमीन पिता-दादा के नाम होने से अटक रहा पंजीकरण

कई किसान ऐसे हैं जो खेती की जमीन पर खुद खेती करते हैं, लेकिन जमीन उनके पिता या दादा के नाम दर्ज है। ऐसी स्थिति में उनके नाम पर फार्मर रजिस्ट्री कराने में परेशानी आ रही है। इसके अलावा बड़ी संख्या में किसान रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में गए हुए हैं, जिससे उनकी पहचान बनाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

कृषि विभाग के पोर्टल पर करीब दो करोड़ रैयत और गैर-रैयत किसान पंजीकृत हैं। ऐसे में फार्मर आईडी को भविष्य में विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

कैसे बनेगी फार्मर आईडी?

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बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी डिजिटल पहचान बना सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर से जुड़ा आधार कार्ड, ओटीपी सत्यापन के लिए मोबाइल नंबर और जमीन का विवरण या जमाबंदी जरूरी है। जमीन किसान के अपने नाम पर दर्ज होना आवश्यक है।

किन योजनाओं में काम आएगी फार्मर आईडी?

फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम फसल बीमा योजना और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाएं शामिल हैं।

बटाईदार किसानों को लेकर भी उठे सवाल

अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव उमेश सिंह ने फार्मर आईडी की मौजूदा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बिहार में 79 फीसदी किसान बटाईदार हैं। कई ऐसे किसान भी हैं जो खेती करते हैं, लेकिन जमीन उनके नाम नहीं बल्कि पिता या दादा के नाम दर्ज है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल फार्मर आईडी और जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर दिया गया, तो वास्तविक खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने बटाईदार किसानों के लिए भी फार्मर आईडी बनाने की व्यवस्था की मांग की है।

 

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