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विश्व अल्जाइमर दिवस पर बीबीएयू में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक से बुजुर्गों की देखभाल का दिया संदेश

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के स्कूल ऑफ होम साइंस के मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की ओर से सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ में विश्व अल्जाइमर दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ इसके लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव के उपायों, शुरुआती पहचान और रोगियों की उचित देखभाल से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना था।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन और निर्देशन में आयोजित हुआ। स्कूल ऑफ होम साइंस के मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की प्रो. शालिनी अग्रवाल और डॉ. रुपिका चोपड़ा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूक किया।

नुक्कड़ नाटक में दिखाई रोगियों और परिवारों की चुनौतियां

कार्यक्रम में विभाग के एम.एससी. विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। विद्यार्थियों ने जानकारीपरक नुक्कड़ नाटक, प्रस्तुति, जागरूकता प्रदर्शनी, संज्ञानात्मक खेल और पंपलेट वितरण जैसी गतिविधियों का आयोजन किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अल्जाइमर से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया।

नाटक के जरिए बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति, पारिवारिक सहयोग और उचित देखभाल की जरूरत पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि अल्जाइमर से जुड़े मामलों में रोगी के साथ-साथ परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

प्रस्तुति के जरिए बताए अल्जाइमर के लक्षण और बचाव के उपाय

विद्यार्थियों ने प्रस्तुति के माध्यम से अल्जाइमर रोग के प्रमुख लक्षणों, जोखिम कारकों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही समय रहते रोग की पहचान करने और उचित देखभाल उपलब्ध कराने की आवश्यकता को भी विस्तार से समझाया गया।

कार्यक्रम के दौरान अल्जाइमर रोग से संबंधित शैक्षणिक और जागरूकता सामग्री पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें लोगों को रोग से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई।

संज्ञानात्मक खेलों से मानसिक सक्रियता का संदेश

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कार्यक्रम में मन को सक्रिय रखने वाले विभिन्न संज्ञानात्मक खेल और गतिविधियां भी कराई गईं। इनके जरिए विशेष रूप से बुजुर्गों में मानसिक सक्रियता और संज्ञानात्मक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया गया।

आयोजकों का उद्देश्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को यह समझाना था कि बुजुर्गों के संज्ञानात्मक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए परिवार और समुदाय की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को बांटे जागरूकता पंपलेट

सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के बीच अल्जाइमर रोग से संबंधित जानकारीपरक पंपलेट भी वितरित किए गए। इन पंपलेट्स में सरल और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई गई, ताकि इसे ग्रामीण और सामुदायिक क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके।

इसके जरिए परिवारों में अल्जाइमर के लक्षणों की शुरुआती पहचान, उचित सहयोग और देखभाल को लेकर जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया।

SPNIWCD के अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में SPNIWCD क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल वी.बी. बाबू के साथ सुश्री लीना और श्री अख्तर की भी उपस्थिति रही। उनके सहयोग और सहभागिता से कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के माध्यम से एम.एससी. विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को सामुदायिक जागरूकता और जनसरोकार से जोड़ने का अवसर मिला। विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न गतिविधियों में अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूकता, समय रहते पहचान, पारिवारिक सहयोग और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को प्रमुखता से सामने रखा गया।

 

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