बीबीएयू में पहली इंट्रा क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता, 32 टीमों ने लिया हिस्सा; T14 ने जीता खिताब

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 21 सितंबर को विधि विभाग की ओर से पहली ‘बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय इंट्रा क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण और विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ।

प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के स्कूल ऑफ लॉ, फॉरेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज की संकायाध्यक्ष डॉ. शष्या मिश्रा और एडवोकेट श्री वंशज शुक्ला ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
प्रारंभिक दौर में 32 टीमों ने आजमाया दम
प्रतियोगिता के प्रारंभिक दौर में कुल 32 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागी टीमों के प्रदर्शन के आधार पर क्वार्टर फाइनल के लिए 8 टीमों का चयन किया गया। इसके बाद सेमीफाइनल में 4 टीमों ने जगह बनाई और फाइनल दौर के लिए 2 टीमों का चयन हुआ।
फाइनल में टीम T14 और टीम T25 ने जगह बनाई। T14 की टीम में गुडली कुमारी और अपर्णा सिंह शामिल रहीं, जबकि T25 की टीम में अंशुल मिश्रा और आयुषी ने हिस्सा लिया। दोनों टीमों के प्रतिभागियों ने अपने-अपने पक्ष को प्रभावी तरीके से रखते हुए कानूनी तर्क, विश्लेषणात्मक क्षमता, शोध और क्लाइंट काउंसलिंग कौशल का प्रदर्शन किया।
कानूनी समझ और काउंसलिंग कौशल के आधार पर हुआ मूल्यांकन
निर्णायकों ने प्रतिभागियों की कानूनी समझ, समस्या के विश्लेषण, तथ्यों की प्रस्तुति, संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रयोग और क्लाइंट काउंसलिंग कौशल के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
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फाइनल मुकाबले में टीम T14 ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहली बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय इंट्रा क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। टीम T25 उपविजेता रही।
व्यावहारिक कानूनी ज्ञान विकसित करना रहा प्रतियोगिता का उद्देश्य
प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कानूनी ज्ञान, क्लाइंट काउंसलिंग क्षमता, तार्किक एवं विश्लेषणात्मक कौशल, प्रभावी संप्रेषण और पेशेवर दृष्टिकोण विकसित करना रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक कानूनी परिस्थितियों के अनुरूप समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने का अवसर मिला।
विधि विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों का रहा योगदान
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विधि विभाग के शिक्षक डॉ. अनीस अहमद, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. खुशनुमा बानो, डॉ. ब्रजेश कुमार यादव, डॉ. अमित कुमार सिंह और डॉ. नवनीत कृष्ण के साथ शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

