LIC और EPF में फंसे ₹16,649 करोड़! तुरंत करें चेक, कहीं आपका पैसा तो नहीं पड़ा अनक्लेम्ड
नई दिल्ली: अगर आपने कभी नौकरी बदली है, पुराना ईपीएफ खाता इस्तेमाल करना बंद कर दिया है या किसी पुरानी एलआईसी पॉलिसी का रिकॉर्ड खो दिया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि एलआईसी और निष्क्रिय ईपीएफ खातों में कुल 16,649.06 करोड़ रुपये अब भी बिना दावा किए पड़े हैं। ऐसे में लाखों लोगों के लिए अपने पुराने निवेश और खातों की जांच करना जरूरी हो गया है।
सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक एलआईसी के पास पॉलिसीधारकों की 7,318.50 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड राशि दर्ज थी। वहीं, निष्क्रिय ईपीएफ खातों में 9,330.56 करोड़ रुपये जमा हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि ईपीएफ की इस राशि को “अनक्लेम्ड” नहीं बल्कि “इनऑपरेटिव” श्रेणी में रखा जाता है।

ऐसे पता करें कहीं आपका पैसा तो नहीं
यदि आपको लगता है कि आपकी किसी पुरानी एलआईसी पॉलिसी की राशि बाकी है, तो एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर नाम, जन्मतिथि या पैन की मदद से अनक्लेम्ड राशि की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
इसके अलावा एलआईसी पात्र पॉलिसीधारकों से एसएमएस, पत्र, एजेंट, शाखा कार्यालय और ‘बीमा सखी’ के माध्यम से भी संपर्क कर रही है, ताकि वे अपनी लंबित राशि का दावा कर सकें।
ईपीएफ खाताधारकों को भी मिली राहत
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने आधार से सत्यापित निष्क्रिय खातों के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की है। इसके तहत 1,000 रुपये या उससे कम की राशि बिना नया दावा किए सीधे सदस्य के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जा रही है।

यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में अधिक राशि वाले निष्क्रिय खातों को भी इस सुविधा के दायरे में लाया जा सकता है।
10 साल तक दावा नहीं किया तो क्या होगा?
सरकार के मुताबिक, एलआईसी की वह राशि जिस पर 10 वर्ष तक कोई दावा नहीं किया जाता, उसे भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के नियमों के तहत वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
वहीं, निष्क्रिय ईपीएफ खातों में जमा राशि को किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग करने का फिलहाल सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है।
