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UP बना देश का सबसे सुरक्षित निवेश ठिकाना! 96 लाख MSME, 14 मिलियन रोजगार और ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का बड़ा लक्ष्य

उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए देश का सबसे सुरक्षित और तेज़ी से उभरता गंतव्य बनता जा रहा है। इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स की नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा कानपुर में आयोजित MSME कॉन्फ्रेंस में प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रयासों से यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अब ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

96 लाख से ज्यादा MSME, 14 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार

मंडलायुक्त एवं निदेशक इंडस्ट्रीज के विजयेंद्र पंडियन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयाँ संचालित हैं, जो 14 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट), RAMP योजना और उद्यम सारथी ऐप के माध्यम से डिजिटल, तकनीकी उन्नयन और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है।

प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी और 50 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी की नीतियां लागू हैं, जिससे निवेशकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

RAMP योजना से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मकता

आईएएस अधिकारी और UPSIC के एमडी राजकमल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की RAMP योजना को उत्तर प्रदेश में तेजी से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य MSME क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादकता को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि ODOP कार्यक्रम के जरिए हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को निर्माण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में नई पहचान मिल रही है और अब विदेशों से भी इन उत्पादों की मांग आने लगी है।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की इस अभिनव योजना को भारत सरकार ने पूरे देश में लागू कर दिया है, जिससे अन्य राज्यों के जिलों को भी फायदा मिल रहा है और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो रहा है।

‘देश में निवेश के लिए सबसे सुरक्षित राज्य है यूपी’

प्रदेश के मंत्री नितिन अग्रवाल ने कॉन्फ्रेंस को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे सुरक्षित निवेश गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक नीतिगत सुधारों और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उनके अनुसार, आज भारत में निवेश के लिए सबसे सुरक्षित राज्य केवल उत्तर प्रदेश हो सकता है।

ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य, यूपी बना ग्रोथ इंजन

सतीश महाना ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, कारोबार में सुगमता और सेक्टोरल पॉलिसियों तक, उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को समयानुकूल और साहसिक बताते हुए कहा कि यूपी विकसित भारत के संकल्प में ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद दोगुना हुआ है और प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

उद्योगपतियों को आमंत्रण: तैयार है औद्योगिक इकोसिस्टम

एमएलए अभिजीत सांगा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार हो चुका है। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे राज्य में उपलब्ध लैंड बैंक, 35 से अधिक निवेशक-हितैषी नीतियों और देश के सबसे बड़े MSME बेस का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि कानपुर भारत के विकास इंजन के रूप में निवेशकों का स्वागत करता है।

निवेशकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी: ADG

अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने स्पष्ट कहा कि निवेशकों, उद्यमियों और व्यापारियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए जो भी कदम जरूरी होंगे, पुलिस उठाएगी। उन्होंने कहा कि जो उद्यमी पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में कार्यरत हैं, वे पहले और अब की स्थिति का अंतर स्वयं देख सकते हैं।

द्विपक्षीय व्यापार और एक्सपोर्ट पर मंथन

कॉन्फ्रेंस में इंडो अमेरिकन चैम्बर के यूपी कोऑर्डिनेशन कमेटी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में यदि कहीं व्यापार और निवेश करना सबसे अधिक सुगम हुआ है तो वह उत्तर प्रदेश है। उन्होंने MSME को राज्य की आर्थिक रीढ़ बताते हुए चैम्बर की प्रतिबद्धता दोहराई।

नेशनल प्रेसिडेंट अनूप आचार्य ने द्विपक्षीय व्यापार, MSME की दीर्घकालिक योजना, रोजगार और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट पर अपने विचार रखे। प्रमुख व्यवसायी अनुराग लोहिया, निदेशक कारखाना संदीप गुप्ता, आईएएस अधिकारी सौम्या पांडेय, एडिशनल लेबर कमिश्नर शमीम अख्तर, आईएसीसी नेशनल कमिटी के अध्यक्ष सुनील जैन और उपनिदेशक इंडस्ट्री अंजनीश सिंह ने विशेषज्ञ सत्र में श्रम नीति और निर्यात वृद्धि पर चर्चा की।

देश के विभिन्न शहरों—चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद—से आए आईएसीसी के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भागीदारी की। कार्यक्रम के अंत में इंडो अमेरिकन चैम्बर के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

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