पश्चिम एशिया में जंग तेज: ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें, खामेनेई के लिए प्रस्तावित शोक समारोह टला

दुबई। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब और तेज हो गया है। युद्ध के छठे दिन ईरान ने तड़के इजराइल को निशाना बनाकर कई मिसाइल हमले किए। यह हमला उस घटना के बाद हुआ जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया था। बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को तबाह करने की चेतावनी भी दी है।

हमले की जानकारी सामने आने से कुछ समय पहले इजराइली सेना ने कहा था कि उसने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं। वहीं अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठानों और प्रशासनिक ढांचे को निशाना बनाते हुए बमबारी और तेज कर दी।
रिवोल्यूशनरी गार्ड की चेतावनी
युद्ध के और तेज होने के साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ा बयान जारी किया है। सरकारी टेलीविजन के माध्यम से जारी संदेश में कहा गया कि यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो पूरे क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
बयान में कहा गया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और रणनीति का परिणाम क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक तंत्र के व्यापक विनाश के रूप में सामने आ सकता है।
खामेनेई के लिए प्रस्तावित शोक समारोह स्थगित
संघर्ष की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ईरान के सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि युद्ध की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित किए जाने वाले शोक समारोह को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
इतिहास में 1989 में अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी थी, लेकिन मौजूदा हालात के कारण बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को टालना पड़ रहा है।
अमेरिका-इजराइल की संयुक्त कार्रवाई

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के शीर्ष नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे। इन हमलों से संकेत मिला कि उनका उद्देश्य ईरान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को कमजोर करना या बदलना भी हो सकता है।
हालांकि युद्ध के लक्ष्य और समयसीमा को लेकर बार-बार बदलाव हो रहे हैं, जिसके कारण इस संघर्ष के लंबे समय तक चलने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने सेना की सराहना की
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को युद्ध के मोर्चे पर अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की सराहना की और इसे शानदार बताया। वहीं अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
इस बीच संघर्ष के विस्तार के साथ ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल को भी निशाना बनाया है।
नाटो की रक्षा प्रणाली सक्रिय
तुर्किये ने दावा किया है कि नाटो की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र की सक्रियता का संकेत मिला है।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक इस युद्ध में ईरान में एक हजार से अधिक, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजराइल में करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा आई है और पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं।
