Wednesday, March 25, 2026
Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के 9 वर्ष के अवसर पर आयोजित हुई संगोष्ठी : सुशासन , आधारभूत संरचना और समग्र विकास ही प्रदेश के विकास के आधार : कुलपति

बरेली, 24 मार्च।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली में प्रदेश सरकार के नव निर्माण के 9वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा शासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं योजनाओं के विषय में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अध्यक्ष माननीय कुलपति प्रो .के.पी. सिंह जी, परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह तथा मुख्य अतिथि के रूप में श्री संजीव अग्रवाल, विधायक कैंट बरेली आमंत्रित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । अतिथियों के औपचारिक स्वागत के पश्चात परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह जी ने प्रदेश सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गयाऔर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उचित परिवेश प्रदान किया गया है जिससे यह विकास की और निरंतर अग्रसर हो रहा है। कानून व्यवस्था, सुरक्षा, शिक्षा परीक्षा , औद्योगिक विकास, सभी क्षेत्रों में सुधार भी हो रहा है। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री संजीव अग्रवाल ने संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि विगत 9 वर्षों में प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं तथा लोकहित में अनेक नवीन जनकल्याण की योजनाएं परियोजनाएं तथा कार्य प्रगति पर हैं। इस अवसर पर कुलपति प्रो . के.पी सिंह जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विकास के विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा देश में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया गया है। इन उपलब्धियां के संबंध में तथा सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संबंध में जन सामान्य, विद्यार्थियों , शिक्षकों और कर्मचारियों को अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार के कार्य कार्यकाल के नव निर्माण के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज रुहेलखंड महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी के माध्यम से सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं तथा उपलब्धियां के विषय में चर्चा करना अत्यंत ही सौभाग्य का विषय है। जहां एक और सरकार द्वारा युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों आदि हेतु कल्याणकारी कार्य किया जा रहे हैं वही साथ ही साथ पर्यटन, संस्कृति के क्षेत्र में संरक्षण और संवर्धन हेतु भी पौराणिक सांस्कृतिक महत्व और गौरवशाली विरासत को उद्घाटित करने वाले विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं भी चलाई जा रही है। इसके अतिरिक्त जनसमुदाय हेतु, समाज के विभिन्न वर्गों हेतु, विभिन्न लाभकारी योजनाओं तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, वृद्धावस्था पेंशन योजना, महिला पेंशन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री सुकन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री अभ्युदया योजना मुख्यमंत्री, दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल का वितरण योजना, प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना आदि में भी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलवाया जा रहा है। साथ ही साथ है रोजगार एवं सेवायोजन निदेशालय के माध्यम से रोजगार मेलों का आयोजन तथा युवाओं को रोजगार की उपलब्धि करवाई जा रही है। राज्य की आवश्यकताओं और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालीन विकास रणनीति तैयार करने हेतु जनमानस से प्राप्त सुझावों का भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जा रहा है। तथा इनके माध्यम से प्रदेश विभिन्न उपलब्धियां को हासिल करते हुए आगे बढ़ रहा है। यातायात के विभिन्न सरल सुलभ संसाधन, एक्प्रेसवे का निर्माण नेटवर्किंग और कनेक्टिविटी को बढ़ा रहे है जो औद्योगिक विकास, वित्तीय सुदृढ़ता और सुधार, उद्योग धंधों के विस्तार, नेटवर्किंग बढ़ा रहे है और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे है । युवा पीढ़ी को इस सभी प्रगति और विकास की जानकारी देकर ही राष्ट्र विकास के उद्देश्य की पूर्ति करना ही इस संगोष्ठी उद्देश्य है और इस प्रकार के आयोजन अत्यंत सराहनीय है।
विगत 9 वर्षों में सरकार ने शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था, स्टार्टअप, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। वर्तमान सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है ।अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है सुरक्षा, निवेश और विकास प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं ।प्रदेश में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। शासन व्यवस्था में सुधार व मजबूत कानून व्यवस्था के कारण आज प्रदेश का बहुमुखी विकास हो रहा है। व्यापक स्तर पर सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है। विभिन्न आधुनिक कृत रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट ,नवीनतम व पुरातन संस्कृति के सामंजस्य और समन्वय के साथ-साथ व्यापक स्तर पर विकास भी हो रहा है ।साथ ही साथ पर्यटन, रोजगार, संस्कृति और परंपराओं के क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर खुले हैं। प्रदेश सरकार प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न स्टार्टअप तथा लघु औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की गई है । विगत 9 वर्षों का कार्यकाल में सरकार द्वारा सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश ,रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा गरीबों के उत्थान हेतु विभिन्न कार्य किए हैं । अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वंचित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंच रहा है। शिक्षा ,स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्र में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। खाद्यान्न , गन्ना व दूध उत्पादन सहित अनेक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के पहले पायदान पर पहुंच चुका है। प्रदेश के किसानों को समय पर भुगतान हो रहा है। उनको आय दुगनी करने के लिए व्यापक योजनाएं चलाई जा रही हैं। युवाओं को तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए क्षेत्रों में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही साथ युवाओं के लिए अभ्युदय कोचिंग चलाई जा रही है जिससे हजारों छात्र सफल होकर नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार नव निर्माण के लिए नव वर्ष भविष्य की दृष्टि भी स्पष्ट कर रहे हैं कि अब यह हमारा उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश बनने की ओर अग्रसर हो चुका है। चिंताग्रस्त स्थितियां अब शांति पूर्ण परिवर्तनकारी स्वरूप ले चुकी है। सामाजिक सुरक्षा , जिम्मेदारी, वर्क कल्चर में प्रभाव शीलता , उचित वातावरण का निर्माण, आत्मनिर्भरता में वृद्धि, गतिशीलता में वृद्धि , फायदेमंद निवेश प्रणाली, शैक्षिक प्रणालियों में सुधार, शैक्षिक संस्थानों में छात्र संख्या, छात्र कल्याण की गतिविधियों में इजाफा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार, स्वास्थ्य, पोषण,पर्यावरण संरक्षण में सुधार, स्टार्टअप में दिन प्रतिदिन युवाओं का बढ़ता रुझान, विकासात्मक आधारभूत संरचना का निर्माण यह सभी उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने में सहायक है तथा आज की संगोष्ठी के माध्यम से युवा विद्यार्थियों को यही संदेश देना है कि राष्ट्र के विकास में, समृद्धि और शांति स्थापना में अपने योगदान के लिए अभी से स्वयं को तैयार करे। प्रदेश और देश की कार्यप्रणाली और भविष्य के अनुरूप स्वयं को को ढाले। संगोष्ठी का आयोजन कुलसचिव श्री हरीश चंद, मुख्य नियंता प्रो रवींद्र सिंह तथा सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. रवींद्र सिंह जी द्वारा तथा
मंच संचालन सांस्कृतिक समन्वयक डॉ.ज्योति पाण्डेय ने किया। संगोष्ठी में कुलसचिव श्री हरीश चंद , परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह, मुख्य नियंता प्रो. रविंद्र सिंह, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ.ज्योति पाण्डेय, प्रो आलोक श्रीवास्तव, प्रो.संजय मिश्रा, प्रो. जे. एन. मौर्य, प्रो. पी. बी. सिंह , प्रो.तूलिका सक्सेना,प्रो. विनय वर्मा, प्रो.बृजेश त्रिपाठी, डॉ.प्रिया सक्सेना, डॉ. त्रिलोचन शर्मा, डॉ.सौरभ वर्मा, डॉ.रीना पंत, प्रो.निवेदिता श्रीवास्तव , डॉ.पवन कुमार सिंह, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.हेमा वर्मा, डॉ. आभा त्रिवेदी,श्री रॉबिन बाल्यान , शुभी अग्रवाल, श्री तपन वर्मा , कल्चरल क्लब से जयंती , विधि, अनिमा, पीयूष, महक, अक्षिता सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, विभिन्न विभागों के शिक्षक , जनप्रतिनिधि, मीडिया बंधु ,पत्रकार, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

---------------------------------------------------------------------------------------------------